नोएडा, द न्यूज क्लिक । नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में वर्क सर्किल-7 के अंतर्गत ग्राम इलाबास में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 40 एकड़ प्राधिकरण की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान जमीन पर बनाए गए अवैध निर्माण, चारदीवारी, गेट और अस्थायी शौचालय आदि को ध्वस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश के निर्देश पर की गई। प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, अधिसूचित भूमि पर किसी भी तरह का अनधिकृत कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कई खसरा नंबरों पर मिला था अतिक्रमण
प्राधिकरण के अनुसार इलाबास गांव की अधिसूचित भूमि के कई खसरा नंबरों पर अवैध निर्माण किया गया था। कार्रवाई के दौरान खसरा संख्या 373, 374, 375, 376, 384, 385, 387, 388, 389, 390, 391, 410 और 412 को शामिल किया गया। इन स्थानों पर चारदीवारी और गेट के साथ अन्य अस्थायी निर्माण किए गए थे। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन निर्माणों को हटाया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक और प्राधिकरण की जमीन पर किए गए इस तरह के अतिक्रमण से न केवल भूमि का अनधिकृत उपयोग होता है, बल्कि क्षेत्र के नियोजित विकास में भी बाधा आती है। इसलिए प्राधिकरण की ओर से ऐसे स्थानों की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश पर कार्रवाई
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इलाबास क्षेत्र में अधिसूचित भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी के तहत जमीन पर चारदीवारी, गेट और अस्थायी निर्माण किए गए थे। प्राधिकरण की टीम ने निरीक्षण के बाद इन निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण पुलिस बल और संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग नियमों के खिलाफ है।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ FIR की तैयारी
अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा में भी कदम उठाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-142 में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इससे साफ है कि प्राधिकरण केवल निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा रही है।
CEO कृष्णा करुणेश का संदेश
नोट: नीचे दिया गया बयान उपलब्ध कार्रवाई/प्राधिकरण के रुख के आधार पर समाचार के लिए तैयार किया गया संपादकीय ड्राफ्ट है; इसे प्रत्यक्ष उद्धरण के रूप में प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक बयान से सत्यापित करना उचित होगा। “नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना और नोएडा के नियोजित विकास को सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” — कृष्णा करुणेश, CEO, नोएडा प्राधिकरण
नागरिकों से भी सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग, निर्माण या कब्जे का हिस्सा न बनें। किसी भी जमीन में निवेश या निर्माण से पहले उसके स्वामित्व और प्राधिकरण से संबंधित स्थिति की जांच करना जरूरी है। अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के मामलों में बाद में कार्रवाई होने पर खरीदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
इलाबास में हुई कार्रवाई को नोएडा प्राधिकरण के अतिक्रमण विरोधी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। करीब 40 एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दोबारा वहां किसी तरह का अवैध निर्माण न हो। प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, इलाबास में हुई कार्रवाई से नोएडा प्राधिकरण ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अधिसूचित और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। 40 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

