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Wednesday, August 19, 2026
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    Galgotia University News : भारत-जापान सहयोग को नई दिशा, गलगोटिया विश्वविद्यालय में जापानी प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत, हरित हाइड्रोजन, ईवी और सेमीकंडक्टर अनुसंधान पर बढ़ेगा सहयोग, उत्तर प्रदेश बनेगा भविष्य की तकनीकों का केंद्र, डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने जताया गर्व

    गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. ध्रुव गैल्गोटिया ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि जापान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि विश्वविद्यालय परिसर में अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग पर चर्चा करने पहुंचे हैं।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। भारत और जापान के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों के बीच गलगोटिया ने जापान के सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अकादमिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार आधारित साझेदारी को नई गति प्रदान करना था। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विशेष रूप से हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen), इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, सतत विकास और वैश्विक अनुसंधान सहयोग जैसे भविष्य की प्रौद्योगिकियों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही शिक्षा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, नवाचार और उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग के अन्य क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    हरित तकनीकों और अनुसंधान पर रहेगा विशेष फोकस

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ तकनीक और उन्नत विनिर्माण पर आधारित होगी। ऐसे में भारत और जापान के बीच संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम, तकनीकी आदान-प्रदान और उद्योग आधारित अकादमिक साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगी। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। चर्चा में यह भी सामने आया कि गैल्गोटियास विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शोधकर्ता संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से वास्तविक औद्योगिक समस्याओं के समाधान पर कार्य कर सकेंगे।

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    छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर

    इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान करने, जापानी विश्वविद्यालयों एवं उद्योगों के साथ काम करने तथा नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रस्तावित सहयोग के अंतर्गत—

    • संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं
    • छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान कार्यक्रम
    • सह-पर्यवेक्षित पीएचडी कार्यक्रम
    • उद्योग आधारित प्रशिक्षण
    • संयुक्त कार्यशालाएं एवं सम्मेलन
    • तकनीकी नवाचार एवं स्टार्टअप सहयोग
    • जैसे अनेक क्षेत्रों में भविष्य में ठोस पहल की जाएगी।

    डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने जताया गर्व

    गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. ध्रुव गैल्गोटिया ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि जापान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि विश्वविद्यालय परिसर में अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग पर चर्चा करने पहुंचे हैं।

    उन्होंने कहा “यह दौरा केवल गलगोटिया विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा के तेजी से विकसित होते शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान केंद्र के रूप में उभरने का भी प्रमाण है। हमारा उद्देश्य इन चर्चाओं को संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान तथा उद्योग आधारित साझेदारियों में बदलना है, ताकि हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने और कार्य करने का अवसर मिल सके।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य की तकनीकों पर आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    भारत और जापान की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

    बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल आर्थिक या व्यापारिक नहीं बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों पर आधारित हैं। आज दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, तकनीकी सहयोग और साझा विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जापान जहां सटीक विनिर्माण (Precision Manufacturing), स्वच्छ ऊर्जा तकनीक और औद्योगिक नवाचार में विश्वस्तरीय विशेषज्ञता रखता है, वहीं भारत के पास विशाल युवा प्रतिभा, मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता और तेजी से विकसित होता अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है। ऐसे में दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    उत्तर प्रदेश बनेगा भविष्य की तकनीकों का केंद्र

    चर्चा के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। गलगोटिया विश्वविद्यालय का उद्देश्य इन राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी अनुसंधान क्षमताओं और मानव संसाधन को तैयार करना है, ताकि विद्यार्थी उद्योग की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित हो सकें।

    आने वाले समय में होंगे कई महत्वपूर्ण समझौते

    विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह दौरा भविष्य में होने वाली कई महत्वपूर्ण साझेदारियों की शुरुआत है। आने वाले समय में विस्तृत चर्चाओं के बाद संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम, छात्र विनिमय, उद्योग सहयोग तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि वह शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहयोग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा तथा विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

    इस उच्चस्तरीय बैठक ने यह संकेत दिया है कि भारत-जापान के बीच शिक्षा और अनुसंधान सहयोग आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा तथा गलगोटिया विश्वविद्यालय इस वैश्विक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    द न्यूज क्लिक की न्यूज

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