नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश के निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को सेक्टर-144 पुस्ता रोड के साथ हिंडन डूब क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने करीब 27,800 वर्गमीटर भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों को भविष्य में दोबारा अवैध निर्माण नहीं करने की स्पष्ट चेतावनी भी दी गई। नोएडा प्राधिकरण की इस कार्रवाई से उन लोगों में खलबली मच गई, जो डूब क्षेत्र की जमीन पर नियमों की अनदेखी कर निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि अधिसूचित और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कार्रवाई के बाद भी संबंधित स्थल पर दोबारा अवैध निर्माण किया गया तो प्राधिकरण की ओर से पुनः प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
27,800 वर्गमीटर जमीन पर चला प्राधिकरण का अभियान
प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सेक्टर-144 पुस्ता रोड के साथ हिंडन डूब क्षेत्र में लगभग 27,800 वर्गमीटर भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण किए जाने की शिकायत एवं स्थिति सामने आई थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर कार्रवाई की। गुरुवार को प्राधिकरण की टीम ने पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि डूब क्षेत्र में बिना अनुमति अथवा नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
CEO कृष्णा करुणेश के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लगातार गति दी जा रही है। हाल के दिनों में भी प्राधिकरण ने अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी और अधिसूचित भूमि पर किए गए अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है। हालिया कार्रवाई के संबंध में भी प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
कृष्णा करुणेश का स्पष्ट संदेश है कि नोएडा में नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। खासतौर पर हिंडन डूब क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाकों में अवैध निर्माण न केवल प्राधिकरण की भूमि और नियोजन व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि भविष्य में जल निकासी और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी परेशानी पैदा कर सकता है।
अतिक्रमणकारियों को दी गई दोबारा निर्माण न करने की चेतावनी
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई कि वे ध्वस्त किए गए निर्माण स्थल पर दोबारा किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यदि चेतावनी के बावजूद दोबारा निर्माण किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ फिर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के बाद प्राधिकरण ने यह संकेत भी दे दिया है कि केवल एक बार निर्माण हटाकर अभियान समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि क्षेत्र की निगरानी भी की जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति दोबारा जमीन पर कब्जा या निर्माण करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिंडन डूब क्षेत्र में क्यों महत्वपूर्ण है कार्रवाई?
हिंडन नदी का डूब क्षेत्र पर्यावरणीय और जल निकासी की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण से प्राकृतिक जल प्रवाह प्रभावित होने का खतरा रहता है। बारिश के दौरान पानी के निकासी मार्ग में रुकावट आने पर आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। इसी वजह से प्राधिकरण द्वारा डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर लगातार सख्ती की जा रही है। इससे पहले भी एनसीआर के विभिन्न डूब क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों और निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण स्तर पर कार्रवाई होती रही है। उदाहरण के तौर पर ग्रेटर नोएडा के हैबतपुर डूब क्षेत्र में भी प्राधिकरण ने करीब 6,000 वर्गमीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया था और अधिकारियों ने अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही थी।

अवैध कॉलोनाइजर और निर्माणकर्ताओं पर बढ़ी सख्ती
नोएडा में जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच डूब क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में प्राधिकरण की कार्रवाई को अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। प्राधिकरण की कोशिश है कि लोग बिना जमीन की वैधानिक स्थिति और प्राधिकरण के रिकॉर्ड की जांच किए जमीन खरीदने से बचें। अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को बाद में निर्माण, बिजली, सड़क, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बिजली कनेक्शन के मुद्दे के बीच भी डूब क्षेत्र पर नजर
हिंडन डूब क्षेत्र इन दिनों नोएडा में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। हाल ही में डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन को लेकर भी हजारों परिवारों की समस्या सामने आई है। चोटपुर और छिजारसी क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के मुद्दे पर शासन स्तर पर भी हस्तक्षेप हुआ है और नियमानुसार कनेक्शन देने की दिशा में निर्णय की खबर सामने आई है। ऐसे में एक तरफ जहां क्षेत्र में रहने वाले पात्र परिवारों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध निर्माण और नए अतिक्रमण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण की सख्ती जारी है। दोनों मामलों में जमीन की वैधानिक स्थिति और नियमों का पालन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नोएडा को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में कदम
नोएडा प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर में सुनियोजित विकास और अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिसूचित भूमि, डूब क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमों के विपरीत निर्माण न हो। 10 सितंबर को सेक्टर-144 पुस्ता रोड के साथ हिंडन डूब क्षेत्र में करीब 27,800 वर्गमीटर भूमि पर की गई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि नोएडा प्राधिकरण अवैध निर्माण के मामलों में अब और सख्ती बरतने के मूड में है। CEO कृष्णा करुणेश के निर्देश के बाद हुई इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वालों को स्पष्ट संदेश मिला है कि सरकारी अथवा अधिसूचित भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण लंबे समय तक नहीं चल पाएगा।
प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित स्थल पर दोबारा अवैध निर्माण किया गया तो पुनः प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब इस क्षेत्र में दोबारा निर्माण करने वालों पर प्राधिकरण की नजर रहेगी और किसी भी नए अतिक्रमण को तत्काल रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।

