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Friday, June 19, 2026
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    Good News : शारदा विश्वविद्यालय ने एडवांस्ड समर ट्रेनिंग प्रोग्राम 2026 का आयोजन किया, सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (CIF) शारदा विश्वविद्यालय ने सफलतापूर्वक का शुभारंभ किया

    Sharda University organised Advanced Summer Training Program 2026, Central Instrumentation Facility (CIF) Sharda University successfully launched

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (CIF)*, शारदा विश्वविद्यालय ने सफलतापूर्वक “एडवांस्ड समर ट्रेनिंग प्रोग्राम 2026” का शुभारंभ किया है। शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिबाराम खारा और शोध संकाय के डीन प्रो. भुवनेश कुमार ने उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई। यह कार्यक्रम एक व्यापक कौशल-विकास कि पहल है, जिसे छात्रों, शोधार्थियों और शोधकर्ताओं को उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों तथा गुड लैबोरेटरी प्रैक्टिस (GLP)-आधारित अनुसंधान कार्यप्रणालियों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कार्यक्रम 1 जून 2026 को शुरू हुआ और 15 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा।

    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक विश्लेषणात्मक विज्ञान में व्यावहारिक दक्षताओं को मजबूत करना है, जिसके लिए गहन प्रयोगशाला अनुभव और वास्तविक शोध कार्य प्रदान किया जा रहा है। प्रतिभागियों को यूवी–विज़िबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर (UV–Vis), एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी (AAS), एक्स-रे डिफ्रैक्शन (XRD) और हाई-परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (HPLC) सहित उन्नत उपकरणों के संचालन, विश्लेषण और डेटा व्याख्या का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिबाराम खारा ने कहा कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विश्लेषणात्मक मानकों और कार्यप्रणालियों पर केंद्रित है। प्रतिभागियों को यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया, ब्रिटिश फार्माकोपिया और इंडियन फार्माकोपिया के दिशानिर्देशों के आधार पर फार्मास्युटिकल उत्पादों के विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन, एटेनोलोल और एल्बेंडाजोल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, खाद्य विश्लेषण प्रशिक्षण इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स, AOAC इंटरनेशनल और फूड केमिकल्स कोडेक्स द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है, जिसमें बिस्कुट जैसे खाद्य उत्पादों को मॉडल नमूनों के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

    इस अवसर , प्रो. भुवनेश कुमार ने कहा कि सक्षम शोधकर्ताओं के विकास में व्यावहारिक प्रयोगशाला प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, जो समकालीन वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान कर सकें। एडवांस्ड समर ट्रेनिंग प्रोग्राम 2026 शारदा विश्वविद्यालय की अनुभवात्मक शिक्षा, वैज्ञानिक नवाचार और शोध उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को उद्योग-प्रासंगिक विश्लेषणात्मक और तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना है। इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक प्रयोगशाला प्रथाओं का मूल्यवान अनुभव प्राप्त होता है, जो अकादमिक, शोध, फार्मास्युटिकल, खाद्य विश्लेषण और औद्योगिक गुणवत्ता आश्वासन में भविष्य के करियर के लिए उनकी नींव को मजबूत करता है।

    इस कार्यक्रम का समन्वयन सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (CIF) के प्रमुख डॉ. अतुल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें डॉ. अफसर अली के सक्रिय वैज्ञानिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण समर्थन ने प्रतिभागियों के लिए अनुसंधान क्षमताओं और व्यावहारिक सीखने के अवसरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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