नोएडा, द न्यूज क्लिक। मानसून की पहली बारिश के साथ ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ‘स्मार्ट सिटी’ होने के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई सेक्टरों में जलभराव, जाम नालियां और खराब सफाई व्यवस्था के चलते मच्छर जनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में डेंगू के मामले सामने आने से स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है।
जाम नालों और जलभराव से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले बड़े नालों की समुचित तली झाड़ सफाई नहीं कराई गई, जिसके कारण कई प्रमुख नाले अवरुद्ध हैं। इसका असर सेक्टरों की अंदरूनी नालियों पर भी दिखाई दे रहा है, जहां लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी जमा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने जताई नाराजगी
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मानसून शुरू होते ही स्मार्ट सिटी के दावों की वास्तविकता सामने आ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विकास और आधुनिक सुविधाओं की बातें करने वाले जनप्रतिनिधि अब नागरिकों की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि कागजों पर शहर स्मार्ट दिखाई देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर जलभराव, गंदगी और मच्छरों की समस्या से लोग परेशान हैं।

प्राधिकरण से की तत्काल कार्रवाई की मांग
दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों से मांग की कि मुख्य नालों एवं सेक्टरों की अंदरूनी नालियों की तत्काल तली झाड़ सफाई कराई जाए। साथ ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई करना आवश्यक है, जिससे नागरिकों को डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाया जा सके।
नागरिकों से भी सावधानी बरतने की अपील
उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन और नागरिकों—दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। तभी नोएडा और ग्रेटर नोएडा वास्तव में एक स्वस्थ और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित हो सकेंगे।

