ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भविष्य के डॉक्टरों, नर्सों और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को केवल किताबों और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक अस्पतालों के वातावरण में प्रशिक्षित करने की दिशा में गलगोटियास विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित फेलिक्स हॉस्पिटल के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ना, व्यावहारिक कौशल विकसित करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। यह समझौता स्वास्थ्य शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, तकनीक आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पतालों में वास्तविक मरीजों के बीच काम करने का अनुभव ही विद्यार्थियों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य पेशेवर बनाता है।
400 बेड वाले NABH मान्यता प्राप्त अस्पतालों में मिलेगा प्रशिक्षण
फेलिक्स हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा में NABH (National Accreditation Board for Hospitals) से मान्यता प्राप्त दो अत्याधुनिक मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों का संचालन करता है, जिनकी कुल क्षमता लगभग 400 बिस्तरों की है। इस साझेदारी के बाद गलगोटियास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इन अस्पतालों में व्यवस्थित क्लिनिकल प्रशिक्षण, अनिवार्य इंटर्नशिप, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का अनुभव तथा वास्तविक रोगी देखभाल की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को केवल चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें रोगी सुरक्षा प्रोटोकॉल, NABH गुणवत्ता मानकों, अस्पताल प्रबंधन प्रणाली, चिकित्सा नैतिकता और पेशेवर कार्यसंस्कृति की भी गहन जानकारी दी जाएगी।

सिमुलेशन लैब से लेकर वास्तविक अस्पताल तक बनेगा मजबूत लर्निंग मॉडल
गलगोटियास विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य शिक्षा के लिए अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। विश्वविद्यालय की नर्सिंग सिमुलेशन लैब, ऑप्टोमेट्री लैब, इलेक्ट्रोथेरेपी लैब तथा अन्य आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में चिकित्सा प्रक्रियाओं का अभ्यास करने का अवसर देती हैं। अब फेलिक्स हॉस्पिटल के साथ हुई इस साझेदारी से विद्यार्थी इन प्रयोगशालाओं में सीखे गए कौशल को वास्तविक अस्पताल के वातावरण में लागू कर सकेंगे। इससे उनकी क्लिनिकल समझ और आत्मविश्वास दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
डॉ. ध्रुव गलगोटिया बोले— वास्तविक मरीजों से सीखना ही स्वास्थ्य शिक्षा की सबसे बड़ी प्रयोगशाला
गलगोटियास विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा की वास्तविक सफलता तब मिलती है जब कक्षा में सीखा गया ज्ञान मरीजों की सेवा में उपयोग हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करना है जो केवल तकनीकी रूप से दक्ष न हों, बल्कि संवेदनशील, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार भी हों। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को पहले दिन से ही पेशेवर जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करेगी तथा उन्हें वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करेगी।
एलाइड हेल्थ साइंसेज़ और नर्सिंग के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस एमओयू का सबसे बड़ा लाभ स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज़ (SAHS) तथा स्कूल ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों को मिलेगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राएं प्रत्यक्ष क्लिनिकल प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे— फिजियोथेरेपी, कार्डियोवैस्कुलर थेरेपी, मेडिकल लेबोरेटरी साइंस, ऑप्टोमेट्री, मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बीएससी नर्सिंग
इन सभी कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को आधुनिक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अनुभवी नर्सिंग स्टाफ के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होंगी क्लिनिकल दक्षताएं
विश्वविद्यालय ने बताया कि विद्यार्थियों को नेशनल एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स कमीशन (NCAHP) तथा भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी डॉक्टरों, मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट्स और नर्सिंग विशेषज्ञों की निगरानी में विद्यार्थियों की व्यावसायिक दक्षताओं का विकास किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में देश और विदेश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
अनुसंधान, कार्यशालाओं और नवाचार को भी मिलेगा बढ़ावा
यह साझेदारी केवल क्लिनिकल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। इसके माध्यम से दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, मेडिकल वर्कशॉप, सेमिनार, सतत व्यावसायिक शिक्षा (Continuing Professional Education), फैकल्टी एक्सचेंज तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को भी बढ़ावा देंगे। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान होगा और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होगा।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी सक्रिय है विश्वविद्यालय
गलगोटियास विश्वविद्यालय लगातार समाज आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत कर रहा है। हाल ही में विश्वविद्यालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गौतम बुद्ध नगर के सहयोग से दाढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करने की पहल की थी। इस पहल के तहत आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य शिक्षा में बनेगा नया मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि गलगोटियास विश्वविद्यालय और फेलिक्स हॉस्पिटल की यह साझेदारी क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा के लिए एक नया मॉडल स्थापित करेगी। इससे विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय क्लिनिकल अनुभव मिलेगा, अस्पतालों को प्रशिक्षित मानव संसाधन प्राप्त होंगे और समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले सक्षम स्वास्थ्य पेशेवर तैयार होंगे। यह पहल स्पष्ट करती है कि भविष्य की शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यावहारिक अनुभव, आधुनिक तकनीक और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ेगी।

