ग्रेटर नोएडा वेस्ट, द न्यूज क्लिक। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच यदि कोई आयोजन लगातार चार वर्षों तक बिना रुके लोगों को एक सूत्र में बांधे रखे, तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआस्था का उत्सव बन जाता है। ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौरसौन्दर्यम सोसाइटी स्थित हरे राम हरे कृष्ण मंदिर में देखने को मिला, जहां श्री हनुमान चालीसा पाठ की चतुर्थ वर्षगांठ बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर 208वां श्री हनुमान चालीसा पाठ संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 400 श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।
यह आध्यात्मिक यात्रा 5 जुलाई 2022 को शुरू हुई थी। उस दिन कुछ श्रद्धालुओं ने मिलकर नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने का संकल्प लिया था। समय के साथ यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोसाइटी के लोगों को जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक और सामाजिक मंच बन गया। आज चार वर्षों बाद यह आयोजन नई ऊर्जा और उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
चतुर्थ वर्षगांठ के अवसर पर दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ गौरसौन्दर्यम एओए की अध्यक्षा श्रीमती राति गुप्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। दोनों अतिथियों ने आयोजकों के इस निरंतर प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और भारतीय संस्कारों को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को इस सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। पूरे मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा और भगवा पताकाओं से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था और पूरा परिसर “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के उद्घोष से गूंज उठा।
हनुमान चालीसा पाठ से पहले राकेश शर्मा, अरविंद साहनी और विजय पाल गांधी ने रामचरितमानस की चौपाइयों का सस्वर पाठ किया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इसके बाद श्री राम म्यूजिकल ग्रुप, शामली ने अपने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन संध्या के आयोजन का विशेष सहयोग अनिल जायसवाल ने किया था। समूह द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु भक्ति में लीन दिखाई दिए।
इसके बाद सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ किया गया। वहीं नाव्या जी एवं अन्य बाल भक्तों ने श्रीराम स्तुति प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि बड़ी संख्या में बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। आयोजकों ने इसे भारतीय संस्कृति और संस्कारों की नई पीढ़ी तक पहुंचने का सुखद संकेत बताया।
इस अवसर पर पूर्व एओए अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता तथा सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कामता नाथ गुप्ता ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चार वर्षों तक बिना किसी रुकावट के इस आयोजन का निरंतर चलते रहना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की नियमित भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान अनिल प्रताप सिंह ने हनुमान चालीसा पाठ की चार वर्षों की यात्रा का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कैसे छोटे स्तर से शुरू हुआ यह आयोजन आज सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। उन्होंने इस यात्रा में राम शर्मा, अरविंद साहनी और राकेश शर्मा के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। साथ ही हरे राम हरे कृष्ण मंदिर के शास्त्री राकेश शास्त्री एवं महेश शास्त्री के निरंतर सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के समर्पण और सहयोग से यह धार्मिक अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का आरएनआई मीडिया के माध्यम से जितेंद्र शर्मा ने लाइव प्रसारण भी किया, जिससे जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच सके, वे भी ऑनलाइन इस धार्मिक आयोजन से जुड़ सके।
इस अवसर पर प्रसाद वितरण का संकल्प आशीष चौहान एवं आकांक्षा चौहान (जैस्मिन टावर), रविंद्र अग्रवाल (विस्ट्रिया टावर), सारिका एवं भुवि खेरा तथा जितेंद्र शर्मा (ऑर्चिड टावर) ने लिया। आयोजकों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की सहभागिता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। चार वर्षों से लगातार चल रहा यह हनुमान चालीसा पाठ अब केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गौरसौन्दर्यम सोसाइटी की पहचान बन चुका है। यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है।

