ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा स्थित आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए प्रदेशभर में अपनी पहचान और मजबूत कर ली है। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU), लखनऊ के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संस्थान की तीन मेधावी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक अपने नाम किए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के करकमलों से सम्मान प्राप्त करते समय छात्राओं के चेहरे पर खुशी, गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह उपलब्धि केवल छात्राओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे आई.टी.एस. परिवार और ग्रेटर नोएडा के लिए भी गौरव का विषय बन गई।
भव्य दीक्षांत समारोह में मेधा का हुआ सम्मान
लखनऊ में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के सफल विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदकों से सम्मानित किया गया।
इस गरिमामयी समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, कुलपति डॉ. अमित देवगन सहित अनेक वरिष्ठ शिक्षाविद, चिकित्सक और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह का वातावरण विद्यार्थियों की उपलब्धियों के उत्साह और प्रेरणा से सराबोर दिखाई दिया।
आई.टी.एस. की तीन छात्राओं ने दिलाया राष्ट्रीय स्तर का गौरव
इस वर्ष आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज की छात्राओं ने अपनी मेहनत और उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के दम पर विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में विशेष स्थान हासिल किया। विश्वविद्यालय द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार एम.डी.एस. (ऑर्थोडॉन्टिक्स एंड डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स) विषय में डॉ. आस्था वर्मा और डॉ. लालनुनपुई पाउटू को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। वहीं एम.डी.एस. (प्रोस्थोडॉन्टिक्स एंड क्राउन एंड ब्रिज) विषय में डॉ. नम्रता अग्रवाल को रजत पदक से सम्मानित किया गया।
दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल कर आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज ने यह साबित कर दिया कि संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट दंत चिकित्सकों का निर्माण भी कर रहा है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का मिला परिणाम
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने पदक विजेता छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान आधारित शिक्षण, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उत्कृष्ट क्लीनिकल प्रशिक्षण के माध्यम से विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाना शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता को बढ़ावा देता है। इस वर्ष एक ही संस्थान की तीन छात्राओं को दो स्वर्ण और एक रजत पदक मिलना पूरे कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है।
भविष्य के संवेदनशील चिकित्सकों को तैयार करने का संकल्प
आई.टी.एस. एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री सोहिल चड्ढा ने भी पदक विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल तकनीकी रूप से दक्ष दंत चिकित्सकों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक चिकित्सक तैयार करना है जो समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि छात्राओं की यह उपलब्धि संस्थान के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनीं मेधावी छात्राएं
शिक्षकों ने कहा कि इन छात्राओं की सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। संस्थान के विद्यार्थियों ने भी अपनी वरिष्ठ छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे पूरे कॉलेज के लिए प्रेरणादायक क्षण बताया।
ग्रेटर नोएडा की शिक्षा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि
आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज की यह सफलता ग्रेटर नोएडा को शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाली उपलब्धि मानी जा रही है। लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट परिणाम और सम्मान हासिल कर संस्थान ने यह साबित किया है कि वह गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। पदक विजेता छात्राओं की उपलब्धि आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

