ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। सरकारी चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संस्थान में अत्याधुनिक केंद्रीय बाँझ आपूर्ति विभाग (Central Sterile Supply Department – CSSD) की उन्नत सेवाओं का भव्य शुभारंभ किया गया। यह नई सुविधा न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि सर्जरी और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।आयोजित उद्घाटन समारोह में जीआईएमएस के निदेशक डॉ. (ब्रिग.) राकेश कुमार गुप्ता ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आधुनिक CSSD सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, अस्पताल प्रशासक, नर्सिंग अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के स्वास्थ्य विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने इस नई सुविधा को संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
क्या है CSSD और क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
किसी भी आधुनिक अस्पताल में केंद्रीय बाँझ आपूर्ति विभाग (CSSD) को संक्रमण नियंत्रण की रीढ़ माना जाता है। अस्पताल में उपयोग होने वाले सभी शल्य चिकित्सा उपकरण, ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाले यंत्र, ड्रेसिंग सामग्री तथा अन्य चिकित्सा उपकरण इसी विभाग में वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत साफ, कीटाणुरहित और पूरी तरह स्टरलाइज किए जाते हैं। इसके बाद ही उन्हें विभिन्न विभागों में उपयोग के लिए भेजा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चिकित्सा उपकरण पूरी तरह स्टरलाइज न हों, तो मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में अत्याधुनिक CSSD सुविधा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी संक्रमण नियंत्रण की क्षमता
जीआईएमएस में शुरू की गई नई CSSD सेवाओं में आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण और कार्यप्रणाली को शामिल किया गया है। यहां चिकित्सा उपकरणों की सफाई, पैकेजिंग, स्टरलाइजेशन और वितरण की पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। इससे अस्पताल के सभी विभागों को समय पर पूरी तरह सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे।
नई व्यवस्था के लागू होने से ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, इमरजेंसी, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी और अन्य सभी विभागों में उपचार की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संक्रमण (Hospital Acquired Infections) में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
मरीजों को मिलेगा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक CSSD सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अधिक सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। ऑपरेशन के दौरान उपयोग होने वाले प्रत्येक उपकरण की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित होगी, जिससे सर्जरी के बाद संक्रमण की आशंका न्यूनतम रहेगी। इसके अलावा अस्पताल की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और विभिन्न विभागों के बीच उपकरणों की उपलब्धता अधिक व्यवस्थित होगी।
डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया बड़ा कदम
जीआईएमएस के निदेशक डॉ. (ब्रिग.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उन्नत CSSD सेवाएं इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। आधुनिक तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली के माध्यम से संक्रमण नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जीआईएमएस लगातार अपने अस्पताल के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना रहा है। भविष्य में भी नई तकनीकों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को संस्थान में शामिल किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता जीआईएमएस
जीआईएमएस ग्रेटर नोएडा पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। अत्याधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से संस्थान न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लाखों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रहा है।
नई CSSD सुविधा का शुभारंभ इस बात का प्रमाण है कि संस्थान संक्रमण नियंत्रण, रोगी सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। इससे भविष्य में अस्पताल की सर्जिकल और क्रिटिकल केयर सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।

