ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा की चर्चित आवासीय सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में एक बार फिर बिल्डर प्रबंधन और निवासियों के बीच विवाद गहरा गया है। क्लब हाउस में आयोजित एक तथाकथित “ओपन मीटिंग” के दौरान बढ़ाए गए CAM Charges, Sewer Charges और Water Charges को लेकर जमकर बहस हुई। बैठक के बाद बड़ी संख्या में निवासियों ने आरोप लगाया कि यह बैठक समस्याओं के समाधान के बजाय बढ़ाए गए शुल्कों को सही ठहराने का प्रयास अधिक प्रतीत हुई।
सोसायटी के कई निवासियों का कहना है कि बैठक में सभी पक्षों को समान अवसर नहीं दिया गया और कुछ चुनिंदा लोगों को ही प्रमुखता से बोलने का मौका मिला। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में मौजूद रेजिडेंट्स ने बढ़े हुए शुल्कों, सुरक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और प्रबंधन से जुड़े कई सवाल मजबूती से उठाए, जिसके चलते बैठक का माहौल काफी गर्म रहा।
बैठक में उठे कई तीखे सवाल
निवासियों के अनुसार पिछले कुछ समय से सोसाइटी में CAM, सीवर और पानी के शुल्कों में की गई बढ़ोतरी को लेकर लगातार असंतोष बना हुआ है। रेजिडेंट्स का आरोप है कि शुल्क बढ़ाने से पहले पर्याप्त परामर्श नहीं किया गया और खर्चों का विस्तृत ऑडिट भी सार्वजनिक नहीं किया गया।
बैठक के दौरान कई निवासियों ने मांग की कि सोसाइटी के वित्तीय लेनदेन, रखरखाव खर्च और सेवा शुल्कों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सभी निवासियों के साथ साझा की जाए। उनका कहना था कि जब तक ऑडिट रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक बढ़ाए गए शुल्कों को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
“कुछ लोगों को मिला विशेष महत्व”
बैठक में मौजूद कई रेजिडेंट्स का दावा है कि चर्चा के दौरान कुछ व्यक्तियों को अधिक समय और प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य लोगों की बातों को सीमित करने की कोशिश हुई। इससे उपस्थित लोगों में असंतोष देखने को मिला। कई निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि सोसाइटी के भविष्य में बनने वाली AOA/RWA व्यवस्था और कुछ व्यक्तियों के बदलते रुख को लेकर पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बैठक के बाद यह चर्चा सोसाइटी के विभिन्न सोशल मीडिया समूहों और निवासियों के बीच प्रमुख विषय बनी रही।
ऑडिट रिपोर्ट तक शुल्क बढ़ोतरी पर रोक की चर्चा
बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बिल्डर प्रबंधन ने ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक बढ़े हुए CAM, Sewer और Water Charges के संबंध में आगे की प्रक्रिया पर विचार करने की बात कही है।
निवासियों का मानना है कि यह कदम उनके सामूहिक विरोध का परिणाम है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में बढ़े हुए शुल्क पूरी तरह वापस लिए जाएंगे या उनमें संशोधन किया जाएगा। इसी कारण सोसाइटी के कई निवासी अभी भी इस मुद्दे पर सतर्क रहने और सामूहिक रूप से अपनी बात रखने की बात कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
बैठक में केवल शुल्क वृद्धि ही नहीं, बल्कि सोसाइटी में लगातार सामने आ रही चोरी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
कई निवासियों ने आरोप लगाया कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है और सुरक्षा एजेंसी के प्रदर्शन की समीक्षा की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने सुरक्षा प्रबंधन में बदलाव की मांग भी रखी। रेजिडेंट्स का कहना है कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक सोसाइटी में रहने वाले परिवार खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएंगे।
बिजली लोड बढ़ाने-घटाने के शुल्क पर भी विवाद
बैठक के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा बिजली कनेक्शन के लोड बढ़ाने या घटाने से जुड़ा रहा। कुछ निवासियों ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में अतिरिक्त शुल्क लिए जा रहे हैं, जबकि उनका मानना है कि यह प्रक्रिया नि:शुल्क या निर्धारित सरकारी नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। कई निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर स्पष्टता नहीं दी गई तो संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा सकती है।
पहले भी हो चुकी हैं खुली बैठकों को लेकर बहस
गोल्फ फॉरेस्ट कम्युनिटी टीम से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे पहले भी सोसाइटी के प्रबंध निदेशक के साथ एक खुली बैठक कराने का प्रयास किया गया था। उनका आरोप है कि उस समय कुछ लोगों ने बैठक को सफल नहीं होने दिया, जबकि वर्तमान बैठक में वही लोग प्रमुख भूमिका निभाते दिखाई दिए। हालांकि इस मामले में अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग राय सामने आ रही है, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सोसाइटी के भीतर विभिन्न समूहों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
निवासियों की एकजुटता बनी चर्चा का विषय
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि बड़ी संख्या में रेजिडेंट्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सोसाइटी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। कई लोगों का मानना है कि चाहे मतभेद कितने भी हों, लेकिन पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय ही किसी भी आवासीय सोसाइटी के बेहतर भविष्य की कुंजी होते हैं।
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से विकसित हो रही हाईराइज सोसाइटियों में निवासियों की भागीदारी, वित्तीय पारदर्शिता और प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था कितनी आवश्यक है।
आने वाले दिनों में ऑडिट रिपोर्ट, शुल्क निर्धारण और AOA/RWA गठन से जुड़े मुद्दों पर क्या निर्णय होता है, इस पर हजारों निवासियों की नजरें टिकी रहेंगी।

