नोएडा, द न्यूज क्लिक।
देशभर में पेयजल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच नोएडा के सेक्टर-105 से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां स्थित मुख्य वॉटर वर्क्स यानी पेयजल आपूर्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। हालत यह है कि हजारों लोगों के घरों तक पहुंचने वाले पानी के स्रोत तक कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से पहुंच सकता है। न सुरक्षा गार्ड, न सीसीटीवी कैमरे और न ही पर्याप्त रोशनी—ऐसे में स्थानीय निवासियों के बीच भय और नाराजगी दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृषणात्रेय (दीपक शर्मा) ने नोएडा प्राधिकरण के जल एवं सीवर विभाग के महाप्रबंधक आर.पी. सिंह को पत्र लिखकर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। RWA का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
15 हजार लोगों की पेयजल सप्लाई पर खतरे की घंटी
सेक्टर-105 स्थित यह वॉटर वर्क्स केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां से सेक्टर-105, सेक्टर-108, एचआईजी फ्लैट्स, जज कॉलोनी और गेझा गांव सहित करीब 15 हजार लोगों को रोजाना पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे महत्वपूर्ण केंद्र की सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही ने लोगों को हैरान कर दिया है। RWA अध्यक्ष दिव्य कृषणात्रेय ने बताया कि वॉटर वर्क्स का मुख्य गेट 24 घंटे खुला रहता है। परिसर में किसी भी प्रकार की सुरक्षा निगरानी नहीं है। कोई भी अज्ञात व्यक्ति सीधे पानी की टंकी और अंडरग्राउंड रिजर्व टैंक तक पहुंच सकता है। इससे पानी में जहरीले पदार्थ मिलाने, संक्रमण फैलाने या किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इंदौर की घटना के बाद डरे हुए हैं लोग
हाल ही में देश के कुछ हिस्सों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी घटनाओं के बाद स्थानीय निवासियों में चिंता और बढ़ गई है। RWA का कहना है कि इंदौर में हुई अप्रिय घटना के बाद लोग पहले ही डरे हुए हैं और अब नोएडा में ऐसी लापरवाही लोगों की चिंता को और गहरा रही है।
रात के समय यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। परिसर में पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यहां अंधेरा छाया रहता है, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहां आसानी से जुट जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार रात में संदिग्ध लोगों की आवाजाही भी देखी गई है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण कोई रोक-टोक नहीं होती।
“अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन?” — RWA का बड़ा सवाल
RWA ने अपने पत्र में प्रशासन से सीधे सवाल किया है कि यदि इतनी संवेदनशील जगह पर कोई बड़ी घटना हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
दिव्य कृषणात्रेय ने कहा—“यह केवल एक सेक्टर का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की सेहत और सुरक्षा का सवाल है। पानी जीवन का आधार है और यदि उसी की सुरक्षा नहीं होगी तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी?”
उन्होंने कहा कि नोएडा जैसे आधुनिक शहर में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है और इसे तत्काल गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
RWA ने रखीं तीन बड़ी मांगें
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए RWA ने प्राधिकरण के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- 24×7 सुरक्षा गार्ड की तैनाती
वॉटर वर्क्स के मुख्य गेट पर शिफ्टवार सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं, ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री नियंत्रित की जा सके। - आधुनिक CCTV कैमरे लगाए जाएं
पूरे परिसर की निगरानी के लिए हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जिनकी मॉनिटरिंग लगातार हो। - हाई-मास्ट लाइट और पर्याप्त रोशनी
परिसर में फैले अंधेरे को खत्म करने के लिए हाई-मास्ट लाइट और अन्य पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा गुस्सा
सेक्टर-105 और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये की योजनाओं और स्मार्ट सिटी की बात होती है, तो सबसे बुनियादी जरूरत—पेयजल सुरक्षा—को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है।
नोएडा प्राधिकरण पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले के बाद नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस वॉटर वर्क्स से हजारों लोगों को रोजाना पानी सप्लाई हो रहा हो, वहां सुरक्षा व्यवस्था का इस तरह ध्वस्त होना प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी तस्वीर पेश करता है। अब देखना यह होगा कि प्राधिकरण इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और सेक्टर-105 वॉटर वर्क्स की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाए जाते हैं।

