ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पूरी प्रशासनिक मशीनरी को मैदान में उतार दिया है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना विभाग के सभी आठ वर्क सर्किलों के अधिकारियों को भी सफाई व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसीईओ, ओएसडी, प्रधान महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और अन्य अधिकारी लगातार फील्ड में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, 1 जुलाई से कुछ ठेकेदारों के अधीन कार्यरत मैन्युअल सफाई कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है।

सीईओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और परियोजना विभाग की संयुक्त टीमें सभी वर्क सर्किलों में तैनात कर दी गई हैं। वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं तथा जहां भी गंदगी मिल रही है, वहां तत्काल सफाई कराई जा रही है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद अधिकारी पूरे दिन विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई कार्यों की निगरानी करते रहे।
निरीक्षण के दौरान एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस., एसीईओ सुमित यादव, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, महाप्रबंधक (स्वास्थ्य) आर.के. भारती, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम, सहायक प्रबंधक गौरव बघेल सहित कई अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
प्राधिकरण ने सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें जोन-5 में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर 2 लाख रुपये तथा ईकोटेक-3 एवं सेक्टर-2 और 3 में सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सफाई कर्मियों की कमी को देखते हुए प्राधिकरण ने सफाई कार्य का समय बढ़ाकर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर दिया है। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य नियमित रूप से जारी है। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों, कूड़ा उठाने वाले वाहनों, उद्यान विभाग की टीम और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है।
प्राधिकरण ने सभी ठेकेदारों को पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार गंदगी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी कूड़ा या गंदगी दिखाई दे तो संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर को तुरंत सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रेटर नोएडा की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्राधिकरण पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

