ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा में पर्यावरण संरक्षण और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। कक्षा IX-B के छात्र-छात्राओं ने विशेष प्रार्थना सभा के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी और सभी को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई। इसके अलावा विद्यार्थियों ने पोस्टर, स्लोगन और भाषण के माध्यम से भी लोगों को प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सभा के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि प्लास्टिक बैग भले ही कुछ समय के लिए सुविधा प्रदान करते हों, लेकिन पर्यावरण के लिए यह गंभीर खतरा बन चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि एक सामान्य प्लास्टिक बैग का उपयोग औसतन 20 से 25 मिनट तक होता है, जबकि उसे प्राकृतिक रूप से नष्ट होने में 100 से 500 वर्ष तक का समय लग सकता है। यही प्लास्टिक भूमि की उर्वरता को प्रभावित करता है और नदियों एवं समुद्रों में पहुंचकर जलीय जीवों के लिए भी जानलेवा साबित होता है।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल सरकारी प्रतिबंधों से नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता और दैनिक आदतों में बदलाव से संभव है। उन्होंने सभी से बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ रखने तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्णतः बहिष्कार करने का आग्रह किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का पालन करे और प्लास्टिक की जगह पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाए, तो स्वच्छ और हरित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की सामूहिक शपथ ली।
“प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” के प्रेरक संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यालय ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जनजागरूकता अभियान समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

