ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्कूल ऑफ लॉ के प्रो बोनो क्लब (लीगल एड सोसाइटी) के जुवेनाइल जस्टिस विंग द्वारा बाल संरक्षण, पुनर्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गवर्नमेंट जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम (बालक) एवं गवर्नमेंट चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन, गौतम बुद्ध नगर में एक प्रेरणादायक डोनेशन ड्राइव का आयोजन किया गया। इस सामाजिक पहल का उद्देश्य संस्थागत देखरेख में रह रहे बच्चों एवं किशोरों की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके जीवन में आशा, आत्मविश्वास और अपनत्व का भाव विकसित करना था।
माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट और जिला जज अतुल श्रीवास्तव रहे मुख्य अतिथि
इस अवसर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय भनोट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर के माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अतुल श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। दोनों अतिथियों ने बच्चों और किशोरों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया तथा अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।
विधि शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून नहीं, समाज सेवा भी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) ऋषिकेश दवे, डीन, शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने कहा कि विधि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहना प्रत्येक विधि छात्र का नैतिक दायित्व है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ उन्हें बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।

बच्चों के जीवन में आशा और अपनत्व का संदेश
डॉ. वैशाली अरोड़ा एवं डॉ. मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यह डोनेशन ड्राइव केवल आवश्यक सामग्री वितरित करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि बच्चों और किशोरों के जीवन में आशा, सम्मान और अपनत्व का संदेश पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास भी थी। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक वर्ग यदि ऐसे बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। शिक्षा, मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर सकता है।
छात्र स्वयंसेवकों और अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस सामाजिक अभियान में शारदा विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, छात्र स्वयंसेवकों तथा संबंधित अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मीयता साफ दिखाई दी।
समाजहित के लिए भविष्य में भी जारी रहेंगी ऐसी पहल
यह कार्यक्रम शारदा विश्वविद्यालय एवं गौतम बुद्ध नगर पुलिस प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन की सफलता में सभी संबंधित अधिकारियों, संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शारदा विश्वविद्यालय ने कहा कि वह भविष्य में भी समाजहित, बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता और जनसेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल उत्कृष्ट पेशेवर बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में तैयार करना भी है।

