ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से लंबे समय से शेष 4 प्रतिशत आबादी प्लॉट की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में गांव रायपुर बंगर में 4% प्लॉट से वंचित किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 20 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रस्तावित अनशन में गांव रायपुर बंगर के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे और आंदोलन को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देंगे। किसानों ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक गांव का नहीं, बल्कि उन सभी किसानों का है जो वर्षों से अपने वैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 4 प्रतिशत प्लॉट किसानों का कानूनी और वैधानिक अधिकार है, जिसे दिलाने के लिए आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी पात्र किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
किसानों ने यह भी निर्णय लिया कि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा के सभी 44 प्रभावित गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को 20 जुलाई के अनशन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि वर्षों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और प्राधिकरण के समक्ष लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। ऐसे में सभी प्रभावित किसानों का एकजुट होना समय की आवश्यकता है।
रायपुर बंगर के ग्रामीणों ने बैठक को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी किसानों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अपील की कि 20 जुलाई को आयोजित अनशन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने अधिकारों की इस लड़ाई को मजबूत बनाएं, ताकि किसानों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।
किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा तथा वे अपने अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।

