ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। आगामी 20 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रस्तावित विशाल किसान अनशन को लेकर रविवार को गांव पाली में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आंदोलन को निर्णायक रूप देने का संकल्प लिया।
बैठक में किसानों ने एक स्वर में कहा कि शेष 4 प्रतिशत आवासीय प्लॉट उनका वैधानिक और न्यायोचित अधिकार है, जिसे प्राप्त किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने कहा कि वर्षों से उनके साथ अन्याय और वादाखिलाफी होती रही है, लेकिन अब 43 गांवों के किसान अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
किसानों ने घोषणा की कि 20 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर बड़ी संख्या में किसान अनशन पर बैठेंगे। इसके लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और चार प्रतिशत प्लॉट से वंचित सभी किसानों को आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। किसानों ने कहा कि यह 43 गांवों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई है।
बैठक के दौरान किसानों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें जिस तरह आगे आना चाहिए था, वैसा सहयोग नहीं मिला। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 20 जुलाई के अनशन के बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे जनप्रतिनिधियों के आवासों के बाहर भी शांतिपूर्ण अनशन और धरना शुरू करेंगे।
बैठक में मौजूद किसानों ने कहा, “हम किसी संगठन, दल या नेता के बैनर तले नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे पीड़ित किसान हैं। जब पीड़ित किसान स्वयं एकजुट होकर मैदान में उतरता है, तो उसकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।”
बैठक के अंत में सभी किसानों ने संकल्प लिया कि जब तक 4 प्रतिशत प्लॉट सहित नहीं दिया जाता तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा। किसानों ने 43 गांवों के लोगों से 20 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

