ग्रेटर नोएडा वेस्ट, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित मेट्रो परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक प्रगति हुई है। गौतम बुद्ध नगर विकास समिति (GBNVS) द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के माध्यम से भेजे गए जनप्रतिनिधित्व पर संबंधित विभाग की ओर से जारी आधिकारिक उत्तर ने यह स्पष्ट किया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमोदन के लिए भेजी जा चुकी है।
हालांकि परियोजना को अभी अंतिम प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन यह सरकारी दस्तावेज इस बात का संकेत देता है कि परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है
और संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई जारी है।

PMO के निर्देश पर विभाग ने दी आधिकारिक जानकारी
समिति द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए प्रतिनिधित्व पर संज्ञान लेते हुए उसे संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया था। पीएमओ के निर्देशों के अनुपालन में विभाग ने मामले की समीक्षा कर एक ऑफिस मेमोरेंडम (Office Memorandum) जारी किया, जिसे पीएमओ शिकायत पोर्टल पर भी उपलब्ध कराया गया है।
इस उत्तर में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि मेट्रो परियोजना की डीपीआर उत्तर प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। इससे परियोजना की वर्तमान स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण और आधिकारिक दस्तावेजी पुष्टि मिली है।
जनआंदोलन का असर, लगातार प्रयासों का मिला परिणाम
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी ने कहा कि यह उपलब्धि समिति द्वारा लंबे समय से किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पीएमओ प्रतिनिधित्व, सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन, आईजीआरएस शिकायतें और विभिन्न विभागों के साथ लगातार पत्राचार के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतिनिधित्व का उत्तर है। अन्य विभागों से भी जवाब आने बाकी हैं और जैसे-जैसे आधिकारिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त होंगी, उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा।
ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन
समिति ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो निर्माण की मांग को मजबूत करने के लिए Change.org पर ऑनलाइन जन-हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान को अब तक हजारों नागरिकों का समर्थन मिल चुका है। इसके अलावा क्षेत्र की अनेक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA), सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं ने भी अभियान को समर्थन देते हुए औपचारिक पत्र सौंपे हैं।
समिति का कहना है कि नागरिकों का यह व्यापक समर्थन परियोजना को जल्द मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
‘अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर काम चाहिए’
समिति की अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की डीपीआर पहले भी कई बार विभिन्न कारणों से स्थगित या निरस्त होती रही है। इसका खामियाजा लाखों लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम, लंबी यात्रा और समय की बर्बादी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मिला आधिकारिक उत्तर निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है, लेकिन अब क्षेत्र के लोग केवल आश्वासन नहीं बल्कि परियोजना की अंतिम स्वीकृति, वित्तीय मंजूरी और निर्माण कार्य की शुरुआत देखना चाहते हैं। समिति तब तक अपना जनहित अभियान जारी रखेगी, जब तक ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो की सुविधा नहीं मिल जाती।
तेजी से बढ़ती आबादी को चाहिए मजबूत सार्वजनिक परिवहन
समिति के उपाध्यक्ष हिमांशु राजपूत ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां लाखों लोग रह रहे हैं। इसके बावजूद मेट्रो जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन सुविधा का अभाव लोगों के दैनिक जीवन, रोजगार, शिक्षा और क्षेत्रीय विकास को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने सरकार से परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र अंतिम मंजूरी प्रदान करने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
नागरिकों से अभियान में जुड़ने की अपील
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, एओए और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे मेट्रो परियोजना के समर्थन में चल रहे ऑनलाइन जन-हस्ताक्षर अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। समिति का कहना है कि हर नया हस्ताक्षर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों नागरिकों की सामूहिक आवाज को और मजबूत करेगा तथा परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने में मददगार साबित होगा।

