नई दिल्ली, द न्यूज क्लिक। भारत के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन राज्य सरकारों, उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों के बीच व्यापक मंथन हुआ। दूसरे दिन का मुख्य फोकस राज्यों में उपलब्ध निवेश अवसरों, आधुनिक टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर, वैश्विक व्यापार साझेदारियों और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए भारतीय वस्त्र उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर रहा।

14 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत, आधुनिक विनिर्माण क्षमता, तकनीकी नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने की रणनीतियों को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। दूसरे दिन आयोजित विभिन्न सत्रों में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग का सबसे बड़ा उत्पादन और निर्यात केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश ने पेश किया अपना मजबूत टेक्सटाइल इकोसिस्टम
दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष राज्य सत्र रहा। इस दौरान प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे टेक्सटाइल सेक्टर, परिधान उद्योग, हथकरघा, हस्तशिल्प तथा संपूर्ण वैल्यू चेन में मौजूद निवेश संभावनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान तथा स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और उद्यमों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और गारमेंट हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र ने भी दिखाई औद्योगिक ताकत
कर्नाटक सरकार ने अपने राज्य सत्र में वस्त्र एवं परिधान उद्योग की मजबूत औद्योगिक क्षमता, निर्यात नेटवर्क और वैश्विक कंपनियों के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने “महाराष्ट्र: भारत में तकनीकी वस्त्रों के लिए एक आकर्षक वैश्विक गंतव्य” विषय पर आयोजित सत्र में तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) के क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं को दुनिया के सामने रखा।
महाराष्ट्र के वस्त्र मंत्री संजय सावकारे ने बताया कि राज्य तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन, अनुसंधान और उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
वैश्विक व्यापार और एफटीए पर गहन चर्चा
भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। आईटीएमएफ और एसोचैम द्वारा आयोजित सत्र “तालमेल के माध्यम से विस्तार” में घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करते हुए भारतीय उद्योगों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने पर विचार किया गया।
डेलॉयट द्वारा आयोजित गोलमेज चर्चा “भारत का एफटीए अवसर” में बताया गया कि भारत के नए मुक्त व्यापार समझौते भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नए बाजार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर बाजार पहुंच, प्रतिस्पर्धी उत्पादन और वैश्विक सोर्सिंग नेटवर्क भारत को दुनिया का प्रमुख टेक्सटाइल सप्लाई हब बना सकते हैं।
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर भी हुई चर्चा
डेलॉयट द्वारा आयोजित एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र “भारत-ब्रिटेन सीईटीए का क्रियान्वयन” में भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के लाभों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच वस्त्र व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देगा तथा भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगा।
भारतीय फैशन ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर
प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर राहुल मिश्रा और वैशाली शाडांगुले ने “इंडियन ब्रांड्स, ग्लोबल एम्बिशन्स” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में भाग लिया। उन्होंने भारतीय फैशन ब्रांड्स को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने, डिजाइन नवाचार, गुणवत्ता और ब्रांड वैल्यू बढ़ाने पर अपने विचार साझा किए।
इसी क्रम में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) द्वारा “भारत से वैश्विक फैशन उद्यमों का निर्माण” विषय पर भी विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें नवाचार, स्थिरता और वैश्विक विस्तार पर जोर दिया गया।
सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने वाले उद्योगों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सीआईटीआई टेक्सटाइल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 भी प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों के माध्यम से संसाधन दक्षता, ऊर्जा संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी, सर्कुलर इकोनॉमी, सतत सामग्री, सामाजिक उत्तरदायित्व, जिम्मेदार व्यवसाय और उद्योग सहयोग जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया।
तीसरे दिन मध्य प्रदेश रहेगा आकर्षण का केंद्र
भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश पवेलियन का दौरा करेंगे। वे प्रदर्शकों से संवाद करेंगे, निवेशकों से मुलाकात करेंगे और राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर की उपलब्धियों का अवलोकन करेंगे।
भारत बन रहा वैश्विक टेक्सटाइल महाशक्ति
भारत टेक्स 2026 का दूसरा दिन इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि भारत केवल वस्त्र उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीकी नवाचार, टिकाऊ उत्पादन, मुक्त व्यापार समझौतों और निवेश आधारित विकास के माध्यम से विश्व टेक्सटाइल उद्योग का नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकारों, उद्योग जगत, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों और वैश्विक साझेदारों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि भारत का टेक्सटाइल सेक्टर अब “मेक इन इंडिया” से आगे बढ़कर “ब्रांड इंडिया” को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

