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Saturday, July 4, 2026
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    Breaking News : DND से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे! नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी की बदल जाएगी तस्वीर, डीपीआर पर हाईलेवल बैठक में तय हुआ बड़ा रोडमैप

    High-speed expressway will be built from DND to Jewar airport! The picture of Noida-Greater Noida and Yamuna City will change, big roadmap decided in the high-level meeting on DPR

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा है। दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था को नई गति देने वाली डीएनडी (DND) से ग्रेटर नोएडा होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज (चार-4) तक प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे परियोजना को अब तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की प्रगति, रूट अलाइनमेंट, विभिन्न विभागों के समन्वय और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द धरातल पर उतारना चाहती है।

    जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई पहचान

    देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसान और तेज पहुंच सुनिश्चित करना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। एयरपोर्ट के संचालन के बाद लाखों यात्रियों, निवेशकों, उद्योगपतियों और कर्मचारियों का आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में मौजूदा सड़क नेटवर्क पर दबाव कम करने और निर्बाध यातायात उपलब्ध कराने के लिए यह नया एक्सप्रेसवे बेहद अहम माना जा रहा है।
    प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और जेवर के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक, व्यावसायिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

    उच्चस्तरीय बैठक में कई विभाग हुए शामिल

    बैठक की अध्यक्षता नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सतीश पाल ने की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), एनएचएआई के परामर्शदाता एम/एस डीएमआरसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
    सभी विभागों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने माना कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में एनसीआर की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल होगी।

    डीएनडी से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया कॉरिडोर

    बैठक में एनएचएआई के परामर्शदाताओं ने परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया। प्रस्ताव के अनुसार नया एक्सप्रेसवे डीएनडी फ्लाईवे से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज (चार-4) तक विकसित किया जाएगा। यह नया कॉरिडोर न केवल यात्रा का समय कम करेगा बल्कि दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से जेवर एयरपोर्ट तक सीधी और निर्बाध पहुंच भी उपलब्ध कराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मार्ग भविष्य में एयरपोर्ट ट्रैफिक का प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है।

    डीएनडी से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया कॉरिडोर

    बैठक में एनएचएआई के परामर्शदाताओं ने परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया। प्रस्ताव के अनुसार नया एक्सप्रेसवे डीएनडी फ्लाईवे से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज (चार-4) तक विकसित किया जाएगा। यह नया कॉरिडोर न केवल यात्रा का समय कम करेगा बल्कि दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से जेवर एयरपोर्ट तक सीधी और निर्बाध पहुंच भी उपलब्ध कराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मार्ग भविष्य में एयरपोर्ट ट्रैफिक का प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है।

    अलाइनमेंट को लेकर बनी सहमति

    बैठक के दौरान सबसे अहम चर्चा एक्सप्रेसवे के रूट अलाइनमेंट को लेकर हुई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक्सप्रेसवे का अंतिम अलाइनमेंट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सहमति से तय किया जाएगा, जबकि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इसका निर्धारण YEIDA की सहमति से किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य भविष्य में भूमि अधिग्रहण, निर्माण और विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने देना है।

    बुलेट ट्रेन परियोजना से भी होगा समन्वय

    बैठक में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने भी भाग लिया। उन्होंने प्रस्तावित अलाइनमेंट पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि भविष्य में हाई स्पीड रेल परियोजनाओं के साथ समन्वय बनाकर इस एक्सप्रेसवे का विकास किया जाएगा, ताकि दोनों परियोजनाएं एक-दूसरे के पूरक बन सकें।

    औद्योगिक निवेश को मिलेगा बड़ा फायदा

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क परियोजना नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी पहले से ही आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउसिंग कंपनियों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
    नई एक्सप्रेसवे परियोजना से निवेशकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे नए उद्योग स्थापित होंगे और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलेगा बूस्ट

    रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर संपत्तियों की मांग और कीमतों पर पड़ता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और जेवर के आसपास स्थित आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग बढ़ सकती है। विशेष रूप से एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

    ट्रैफिक दबाव होगा कम

    वर्तमान में नोएडा से जेवर या यमुना एक्सप्रेसवे तक जाने वाले यात्रियों को कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद मौजूदा मार्गों पर दबाव कम होगा और यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज तथा आरामदायक बन सकेगी।

    समयबद्ध तरीके से डीपीआर पूरी करने पर जोर

    बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों ने परियोजना की डीपीआर को शीघ्र पूरा करने, तकनीकी मंजूरियां समय पर लेने और आपसी समन्वय के साथ आगे की प्रक्रिया तेज करने पर सहमति जताई।
    अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक आवागमन में नई क्रांति देखने को मिलेगी और उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।

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