नोएडा, द न्यूज क्लिक। देश के सबसे व्यवस्थित और स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बना चुके नोएडा की सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता जताई गई है। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण एवं जनप्रतिनिधियों से जन स्वास्थ्य विभाग (Public Health Department) को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग के समाप्त होने के बाद शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो नोएडा की स्वच्छता रैंकिंग और नागरिक सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।
स्वच्छता व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, कार्य सर्किलों के लिए चुनौती
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि पहले जन स्वास्थ्य विभाग शहर की सफाई, कूड़ा प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करता था। विभाग के समाप्त होने के बाद यह जिम्मेदारी विभिन्न कार्य सर्किलों पर आ गई है, जबकि उन पर पहले से ही सड़क, सीवर, जलापूर्ति, निर्माण और रखरखाव जैसे अनेक विकास कार्यों का भारी दबाव है। ऐसे में सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि किसी भी आधुनिक शहर की पहचान केवल चौड़ी सड़कों और ऊंची इमारतों से नहीं होती, बल्कि उसकी स्वच्छता, साफ-सफाई और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से होती है। यदि इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में शहर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
जन स्वास्थ्य विभाग की बहाली नागरिक हित में जरूरी
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग की पुनः स्थापना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि यह लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर जीवन स्तर से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम होगा। विभाग के दोबारा सक्रिय होने से सफाई कार्यों की प्रभावी निगरानी होगी, कूड़ा निस्तारण व्यवस्था मजबूत होगी और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नोएडा लगातार देश के स्वच्छ और आधुनिक शहरों में अपनी पहचान बनाए रखने का प्रयास करता रहा है। ऐसे में एक समर्पित जन स्वास्थ्य विभाग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
फोनरवा और विभिन्न आरडब्ल्यूए भी उठा चुके हैं मांग
दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि यह केवल सेक्टर-105 की मांग नहीं है, बल्कि फोनरवा (FONRWA) सहित विभिन्न सेक्टरों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि भी लंबे समय से जन स्वास्थ्य विभाग को पुनः बहाल करने की मांग करते आ रहे हैं। इस संबंध में कई बार नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखे गए हैं तथा विभिन्न बैठकों में भी यह विषय प्रमुखता से उठाया गया है।
उनका कहना है कि यदि सफाई व्यवस्था को पहले जैसी मजबूती देनी है तो एक समर्पित विभाग का होना अत्यंत आवश्यक है, जो केवल जन स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर कार्य करे।
दिव्य कृष्णात्रेय का बयान
आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा,
“नोएडा देश के सबसे आधुनिक और स्वच्छ शहरों में गिना जाता है। इस पहचान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। जन स्वास्थ्य विभाग की बहाली किसी एक संस्था या सेक्टर की मांग नहीं, बल्कि पूरे शहर के नागरिकों की आवश्यकता है। हम नोएडा प्राधिकरण, प्रदेश सरकार और जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हैं कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस विभाग को शीघ्र पुनः स्थापित किया जाए। इससे शहर की सफाई व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और नोएडा एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी मजबूत पहचान बनाए रख सकेगा।”
प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक पहल की उम्मीद
आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 ने नोएडा प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शासन से अपील की है कि नागरिकों की इस न्यायोचित मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उनका विश्वास है कि जन स्वास्थ्य विभाग की पुनः बहाली से न केवल सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि स्वच्छता व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है तो जन स्वास्थ्य विभाग की पुनर्स्थापना एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम साबित होगी। इसके माध्यम से नोएडा अपनी स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर की पहचान को और अधिक सशक्त बना सकेगा।

