ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। स्वर्ण नगरी स्थित जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में ईद-उल-मिलाद के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कक्षा आठवीं ‘अ’ के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रेम, शांति, भाईचारे, आपसी सम्मान और मानवता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ईद-उल-मिलाद के महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने ईद-उल-मिलाद के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व पर ज्ञानवर्धक भाषण प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्य के माध्यम से प्रेम, करुणा, शांति और मानव सेवा जैसे मूल्यों पर प्रकाश डाला तथा बताया कि समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नाटक, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इन प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रेम, एकता, शांति और मानवता के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों और सहपाठियों का ध्यान आकर्षित किया और प्रार्थना सभा का वातावरण उत्साह एवं उल्लास से भर गया।
विद्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल एक पर्व की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। विद्यालय स्तर पर इस तरह के आयोजन बच्चों में सांस्कृतिक समझ, सहिष्णुता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में कक्षा अध्यापिका श्रीमती पूर्णिमा सिंह ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने बच्चों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम की सफलता में उनके परिश्रम, उत्साह और सहभागिता की प्रशंसा की।
विशेष प्रार्थना सभा का समापन प्रेम, एकता, भाईचारे और मानवता के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ समाज में सद्भाव और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

