ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव को लेकर बार परिसर पूरी तरह चुनावी अखाड़े में तब्दील हो चुका है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि अध्यक्ष समेत चार प्रमुख पदों पर सीधा मुकाबला है, जबकि तीन अहम पदों पर त्रिकोणीय संघर्ष ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है। 24 दिसंबर को होने वाले मतदान से पहले अधिवक्ताओं के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहा है और समर्थक भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुके हैं।
आठ में से सात पदों पर होगा मतदान
बार एसोसिएशन के कुल आठ पदों में से इस बार सात पदों पर ही मतदान कराया जाएगा। दरअसल, सहसचिव (पुस्तकालय) पद के संभावित प्रत्याशी अमित कुमार द्वारा नामांकन पत्र वापस ले लिए जाने के बाद इस पद का चुनाव स्थगित कर दिया गया है। इसके बाद बाकी सभी पदों के लिए चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई।
नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होते ही बार परिसर में चुनावी हलचल और तेज हो गई है।
अध्यक्ष पद पर सबसे बड़ा मुकाबला
बार चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण अध्यक्ष पद बना हुआ है। इस पद के लिए अधिवक्ता मनोज कुमार भाटी (बोडाकी) और अधिवक्ता योगेंद्र भाटी आमने-सामने हैं। दोनों ही प्रत्याशी लंबे समय से अधिवक्ता हितों से जुड़े रहे हैं और बार में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। अध्यक्ष पद की यह सीधी टक्कर पूरे चुनाव की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
इन पदों पर सीधी भिड़ंत
कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए महेन्द्र उर्फ मुस्कान और प्रेमचंद त्यागी के बीच सीधा मुकाबला है। सहसचिव (प्रशासनिक) पद पर सिंहराज चौधरी और विक्रम सिंह आमने-सामने हैं।
सांस्कृतिक सचिव पद पर मीनू त्यागी और सोनम यादव के बीच रोचक टक्कर देखने को मिल रही है। इन सभी पदों पर प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
त्रिकोणीय मुकाबलों ने बढ़ाया चुनावी रोमांच, सचिव पद के लिए नीरज कुमार भाटी, शोभाराम चंदेला और सतेंद्र कुमार नागर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं
इस बार के चुनाव में कुछ पद ऐसे भी हैं, जहां तीन-तीन प्रत्याशी मैदान में होने के कारण मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर दुर्गेश सिंह, राकेश शर्मा और छत्रपाल सिंह के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है। सचिव पद के लिए नीरज कुमार भाटी, शोभाराम चंदेला और सतेंद्र कुमार नागर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कोषाध्यक्ष पद पर दीपक लोहिया, नितिन भाटी और कल्याण सिंह नागर के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। इन पदों पर मतों का बंटवारा जीत-हार का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
बार परिसर बना चुनावी चौपाल
चुनाव की घोषणा के बाद से ही बार परिसर किसी राजनीतिक चुनाव से कम नहीं लग रहा। हर ओर पोस्टर, पर्चे, जनसंपर्क और रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं से लेकर युवा वकीलों तक, हर कोई अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में चर्चा करता नजर आ रहा है।
24 दिसंबर को होगा फैसला
अब सबकी निगाहें 24 दिसंबर को होने वाले मतदान और उसके बाद मतगणना पर टिकी हैं। इसी दिन यह तय होगा कि बार एसोसिएशन की कमान किसके हाथों में जाएगी और अगले कार्यकाल में अधिवक्ताओं के हितों की जिम्मेदारी कौन निभाएगा।
चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में भारी उत्साह है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार रिकॉर्ड मतदान देखने को मिलेगा। बार चुनाव का यह संग्राम निश्चित रूप से लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

