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Sunday, August 23, 2026
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    Noida News : फॉर्च्यून वर्ल्ड स्कूल में ‘स्ट्रीम फेस्ट’ का भव्य आयोजन, रचनात्मकता, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा का दिखा अनूठा संगम, नन्हे वैज्ञानिकों के मॉडल बने आकर्षण का केंद्र, व्यावहारिक शिक्षा पर विद्यालय प्रबंधन का जोर

    कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन मोहन गोयल, चेयरपर्सन शशि गोयल, डायरेक्टर उन्तक गोयल और प्रधानाचार्या भारती सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा के सेक्टर-105 स्थित फॉर्च्यून वर्ल्ड स्कूल में रविवार को ‘स्ट्रीम फेस्ट’ का भव्य और प्रेरणादायी आयोजन किया गया। विद्यालय के अत्याधुनिक ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण, खेल, आधुनिक शिक्षा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए वर्किंग मॉडल, इनोवेटिव प्रोजेक्ट और आकर्षक प्रस्तुतियों ने अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रयोग, अनुसंधान, समस्या समाधान और रचनात्मक सोच के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करना रहा। पूरे आयोजन में बच्चों की मेहनत, आत्मविश्वास और विषयों की व्यावहारिक समझ साफ दिखाई दी।

    दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से हुआ शुभारंभ

    कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान तथा बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए किस तरह किया जा सकता है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में खेल, आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सस्टेनेबल लिविंग जैसे विषय प्रमुख रहे। प्रत्येक प्रोजेक्ट में बच्चों की कल्पनाशीलता के साथ-साथ उनके द्वारा किए गए अध्ययन और प्रयोग की झलक दिखाई दी।

    नन्हे वैज्ञानिकों के मॉडल बने आकर्षण का केंद्र

    ‘स्ट्रीम फेस्ट’ में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न क्रियाशील वर्किंग मॉडल्स और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने अपने मॉडल के बारे में अतिथियों और अभिभावकों को विस्तार से जानकारी दी तथा उनके काम करने के तरीके को समझाया। कई विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट के पीछे की वैज्ञानिक अवधारणा को बेहद सहज तरीके से प्रस्तुत किया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि बच्चों को केवल विषय पढ़ाया ही नहीं गया, बल्कि उन्हें उस ज्ञान को प्रयोग के माध्यम से समझने और प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया।

    अतिथियों ने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के भीतर जिज्ञासा, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

    कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी रही। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व जीएसटी कमिश्नर उपेंद्र गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) विनीता श्रीवास्तव, जर्मनी स्थित शोध विज्ञानी वरुण गुप्ता, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के आर्किटेक्ट शिवेंद्र पांडे, सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय (दीपक शर्मा) और प्रबुद्ध नागरिक सुरेश बंसल शामिल रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट और वर्किंग मॉडल्स को देखा। उन्होंने बच्चों से उनके प्रोजेक्ट से संबंधित सवाल भी किए और विद्यार्थियों की विषय संबंधी समझ तथा आत्मविश्वास की सराहना की।

    अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। इस दृष्टि से ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सीखने और दूसरों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

    व्यावहारिक शिक्षा पर विद्यालय प्रबंधन का जोर

    कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन मोहन गोयल, चेयरपर्सन शशि गोयल, डायरेक्टर उन्तक गोयल और प्रधानाचार्या भारती सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जब विद्यार्थी केवल किताबों में पढ़ी गई जानकारी को याद करने के बजाय स्वयं प्रयोग करते हैं और अपने हाथों से मॉडल तैयार करते हैं, तो उस सीख का प्रभाव अधिक गहरा और स्थायी होता है।

    प्रबंधन के अनुसार, व्यावहारिक शिक्षा बच्चों को विषयों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है। साथ ही इससे उनमें रचनात्मकता, तार्किक क्षमता, आत्मनिर्भरता और लगातार सीखते रहने की प्रवृत्ति विकसित होती है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण दिया जाए, जहां वे सवाल पूछने, नए विचार रखने और अपनी कल्पनाओं को वास्तविक मॉडल या प्रोजेक्ट में बदलने के लिए प्रोत्साहित हों।

    पर्यावरण और सस्टेनेबल लिविंग पर भी रहा फोकस

    ‘स्ट्रीम फेस्ट’ में पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल लिविंग जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई। विद्यार्थियों ने ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण तैयार करने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में यह समझ भी दिखाई दी कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच का इस्तेमाल पर्यावरणीय चुनौतियों को कम करने के लिए किया जा सकता है।

    अभिभावकों ने की विद्यार्थियों की सराहना

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए उत्साह का माहौल रहा। अभिभावकों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट्स को देखा तथा उनकी प्रतिभा की सराहना की। अभिभावकों का कहना था कि इस तरह के आयोजन बच्चों को मंच पर अपनी बात रखने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देते हैं। साथ ही उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि कक्षा में सीखी गई चीजों को वास्तविक जीवन में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

    शिक्षा को अनुभव से जोड़ने की पहल

    फॉर्च्यून वर्ल्ड स्कूल के ‘स्ट्रीम फेस्ट’ ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा में अनुभव आधारित और प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। जब विद्यार्थी किसी विषय पर स्वयं शोध करते हैं, मॉडल तैयार करते हैं और उसके बारे में दूसरों को समझाते हैं, तो उनके भीतर विषय की समझ के साथ संचार कौशल और आत्मविश्वास भी विकसित होता है।

    विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उसे सही दिशा देना शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

    उत्साह और धन्यवाद के साथ हुआ समापन

    पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।

    कुल मिलाकर, फॉर्च्यून वर्ल्ड स्कूल का ‘स्ट्रीम फेस्ट’ रचनात्मकता, विज्ञान, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट्स ने न केवल उनकी प्रतिभा को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बच्चे जटिल विषयों को भी अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं।

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