ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। मानसून की दस्तक के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने लगा है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल में इन दिनों वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, डायरिया और अन्य मौसमी संक्रमणों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे और वयस्क इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों सबसे अधिक बच्चे तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, गले में खराश, लगातार खांसी, जुकाम, पैरों में दर्द, आंखों का लाल होना और चक्कर आने जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जांच में अधिकांश मरीज वायरल संक्रमण से ग्रस्त पाए जा रहे हैं।
मौसम बदलते ही बढ़े वायरल संक्रमण के मामले
शारदा अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राममूर्ति शर्मा ने बताया कि मौसम में अचानक आए बदलाव और बारिश के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। खासकर छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, उन्हें बारिश के गंदे पानी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा देने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
डायरिया और पीलिया के मामले भी बढ़ रहे
शारदा अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. भूमेश त्यागी ने बताया कि बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे डायरिया, सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, हेपेटाइटिस और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अस्पताल में सबसे अधिक मरीज लूज मोशन (डायरिया) और सर्दी-खांसी के आ रहे हैं, जबकि हेपेटाइटिस और पीलिया के मामलों में भी धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है।
इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान
डॉ. भूमेश त्यागी ने लोगों को सलाह दी कि बारिश में भीगने से बचें और खानपान में विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि बासी, तली-भुनी तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें। हमेशा ताजा, गर्म और स्वच्छ भोजन जैसे दाल, चावल और सब्जी का सेवन करें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीते रहें और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी, दस्त या कमजोरी महसूस हो रही हो तो इसे सामान्य मौसमी समस्या समझकर नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
शारदा अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी, स्वच्छता और समय पर इलाज से बारिश के मौसम में होने वाली अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।

