ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, नॉलेज पार्क-III, ग्रेटर नोएडा में महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर राष्ट्र संगठन महामंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी बच्चू सिंह बैसला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रमुख संयोजक प्रो. बी.एस. रावत ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूरे आयोजन का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, समान अवसर और शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना था।
विद्यालय की डायरेक्टर सुश्री कंचन कुमारी एवं प्रिंसिपल डॉ. हेमा शर्मा को शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। उपस्थित लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

अपने संबोधन में विद्यालय की डायरेक्टर सुश्री कंचन कुमारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब तक बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और समानता की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. हेमा शर्मा ने कहा कि शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षित महिला केवल अपने परिवार को ही नहीं बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नारी सम्मान, समान अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. बी.एस. रावत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में वास्तविक परिवर्तन लाना है तो महिलाओं को शिक्षा, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का अवसर देना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि चौधरी बच्चू सिंह बैसला ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के अधिकारों का विषय नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की मूल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा मिलती है, वही समाज विकास के नए आयाम स्थापित करता है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और समाज से महिला सम्मान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, न्यायपालिका, सेना, खेल, चिकित्सा और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। इसलिए समाज का दायित्व है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रेरक प्रस्तुतियों एवं विचारों के माध्यम से उपस्थित लोगों को भावुक और प्रेरित किया। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों को सभी अतिथियों ने खूब सराहा और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
अंत में विद्यालय परिवार ने महिला सम्मान, लैंगिक समानता और राष्ट्र निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित हो सके।

