ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण अभियान-2026 के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एक ही दिन में 77,007 पौधों का रोपण किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर आयोजित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम बना। इस दौरान बच्चों को पौधों की देखभाल और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य में YEIDA की महत्वपूर्ण भागीदारी
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष पूरे उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में उद्यान विभाग ने व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया।प्राधिकरण ने सेक्टरों, ग्रीन बेल्ट, संस्थानों और गांवों सहित विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर प्रदेश सरकार के लक्ष्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ग्रीन बेल्ट से हुई अभियान की शुरुआत
अभियान का शुभारंभ सेक्टर-22 की 50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में किया गया, जहां अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया एवं राजेश कुमार ने पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने, तापमान कम करने, जैव विविधता को बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देशी प्रजातियों के लगाए गए हजारों पौधे
अभियान के दौरान नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, पिलखन सहित अनेक देशी एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि देशी प्रजातियों के वृक्ष स्थानीय जलवायु के अनुरूप अधिक तेजी से विकसित होते हैं और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बच्चों को दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान की सबसे खास बात यह रही कि रोनिजा गांव के स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया। बच्चों को वृक्षों के महत्व, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रत्येक बच्चे को एक-एक पौधा भी वितरित किया गया और उन्हें उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित होगी, तो आने वाले समय में समाज अधिक जागरूक और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेगा।
पौधों की देखभाल पर भी रहेगा विशेष जोर
यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। सभी लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि अधिकतम पौधे विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें। अधिकारियों ने कहा कि सफल वृक्षारोपण वही माना जाएगा, जब लगाया गया प्रत्येक पौधा जीवित रहकर पर्यावरण को समृद्ध बनाए।
हरित भविष्य की ओर मजबूत कदम
यमुना प्राधिकरण का यह अभियान क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने, प्रदूषण कम करने, जैव विविधता को संरक्षित करने और लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

