जेवर, द न्यूज क्लिक। उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वाकांक्षी औद्योगिक क्षेत्र अब वैश्विक निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तेजी से आकार लेने के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र विदेशी निवेश के लिए नई पसंद बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने YEIDA का दौरा कर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान न केवल औद्योगिक विकास, बल्कि प्रस्तावित ‘कोरियन सिटी’ परियोजना ने भी प्रतिनिधिमंडल का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
यह दौरा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निवेश साकार होता है तो जेवर क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा वैश्विक केंद्र बन सकता है।
दक्षिण कोरिया से आए प्रतिनिधिमंडल में व्यापार, उद्योग एवं संसाधन मंत्रालय, भारत स्थित कोरिया गणराज्य के दूतावास तथा कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (KOTRA) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में निदेशक किम जिनसू, उपनिदेशक कांग होंग कू, वाणिज्यिक परामर्शदाता सुंगजुंग चो, KOTRA दक्षिण एशिया मुख्यालय के प्रबंध निदेशक डोंगह्योन किम तथा भारत-कोरिया व्यापार सहयोग प्रकोष्ठ के कार्यकारी निदेशक जैक ली शामिल थे। सभी अधिकारियों ने YEIDA क्षेत्र की औद्योगिक संभावनाओं को गंभीरता से समझा और निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए YEIDA के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शैलेन्द्र कुमार भाटिया (IAS) ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र देश का सबसे तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक कॉरिडोर बन चुका है। यहां विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं निवेशकों को वैश्विक स्तर की कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह पूरा क्षेत्र उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। यही वजह है कि देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं।
प्रस्तुति के दौरान एसीईओ ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में पहले से ही कई बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने प्रोजेक्ट स्थापित कर रही हैं। एचसीएल-फॉक्सकॉन, एस्कॉर्ट्स कुबोटा सहित अनेक प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह यहां निवेश कर चुके हैं। इसके अलावा सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और एडवांस टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बड़े निवेश प्रस्ताव लगातार प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार के अवसर सृजित करेगा।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय सेक्टर-4A में प्रस्तावित ‘कोरियन सिटी’ रहा। एसीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि लगभग 900 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली यह परियोजना विशेष रूप से कोरियाई उद्योगों और निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं होगा, बल्कि एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगी जिसमें औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, सामाजिक और आधुनिक शहरी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इससे कोरियाई कंपनियों और उनके कर्मचारियों को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय कार्य एवं जीवन शैली उपलब्ध होगी।
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि प्रस्तावित कोरियन सिटी से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी बेहद कम होगी। इसके अतिरिक्त यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सीधी कनेक्टिविटी इसे निर्यात आधारित उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोरियन सिटी विकसित होती है तो इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक उद्योगों में निवेश की नई लहर आएगी तथा गौतमबुद्ध नगर की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
प्रस्तुति के बाद कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उन संभावित भूमि पार्सलों का भी निरीक्षण किया जिन्हें भविष्य में कोरियाई कंपनियों को आवंटित किया जा सकता है। अधिकारियों ने स्थल पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, सड़क नेटवर्क, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की तेज़ विकास गति, योजनाबद्ध औद्योगिक ढांचे और एयरपोर्ट आधारित विकास मॉडल में गहरी रुचि दिखाई। माना जा रहा है कि निकट भविष्य में कोरियाई कंपनियों की ओर से कई बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आ सकते हैं।
औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियां, आसान औद्योगिक प्रक्रियाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे में YEIDA क्षेत्र वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यदि प्रस्तावित निवेश योजनाएं साकार होती हैं तो जेवर क्षेत्र केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे बड़े हाई-टेक औद्योगिक एवं निर्यात केंद्रों में शामिल हो सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और प्रस्तावित कोरियन सिटी का संयोजन इस क्षेत्र को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है।

