जेवर, द न्यूज क्लिक। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से हो रहे विकास के बीच अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर दिया है। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं। खास तौर पर उन क्षेत्रों में कार्रवाई तेज हुई है, जहां एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित लोगों और जमीन मालिकों में खलबली मची हुई है। YEIDA ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना सक्षम अनुमति के किए जा रहे निर्माण से क्षेत्र के सुनियोजित विकास और भविष्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में अनधिकृत निर्माण को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तार वाले क्षेत्रों में कार्रवाई
बताया जा रहा है कि जिन जमीनों पर निर्माण को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें बड़ी संख्या में भूमि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित अधिग्रहण क्षेत्र में शामिल है। इन क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और कई प्रभावित किसानों को उनकी भूमि का प्रतिकर भी प्राप्त हो चुका है। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से बिना अनुमति नए निर्माण किए जाने को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अधिग्रहण और भविष्य की विकास योजनाओं वाले क्षेत्रों में यदि अनधिकृत निर्माण लगातार बढ़ता रहा तो आने वाले समय में परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
नोटिस में जवाब देने के लिए समय सीमा तय
YEIDA की ओर से जारी नोटिस में संबंधित निर्माणकर्ताओं और जमीन मालिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में निर्माण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अनुमति से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। प्राधिकरण ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है या निर्माण को वैध साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
ध्वस्तीकरण का खर्च भी वसूलेगा प्राधिकरण
नोटिस में कार्रवाई को लेकर एक और महत्वपूर्ण चेतावनी दी गई है। यदि जांच और जवाब की प्रक्रिया के बाद किसी निर्माण को अवैध पाया जाता है और उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाती है, तो ध्वस्तीकरण में आने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से भू-राजस्व की भांति वसूल किया जा सकता है। इस चेतावनी के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमीन मालिकों और निर्माणकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग नोटिस का जवाब तैयार कराने के लिए अधिकारियों और कानूनी जानकारों से संपर्क कर रहे हैं।
लोगों में बढ़ी चिंता, जवाब तैयार कराने में जुटे
नोटिस मिलने के बाद संबंधित लोग अपने स्तर से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ जमीन मालिकों का कहना है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राधिकरण को जवाब देंगे और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। वहीं, कुछ लोग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि जिस निर्माण को लेकर नोटिस जारी हुआ है, उसकी स्थिति प्राधिकरण के नियमों के अनुसार क्या है।
नियोजित विकास को लेकर YEIDA का सख्त रुख
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, औद्योगिक परियोजनाओं और अन्य बड़े विकास कार्यों के चलते आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव की तैयारी है। ऐसे में प्राधिकरण अधिसूचित क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण को रोकने पर विशेष जोर दे रहा है। YEIDA की इस कार्रवाई को एयरपोर्ट के विस्तार और क्षेत्र के नियोजित विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। प्राधिकरण का स्पष्ट रुख है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कर भविष्य की विकास योजनाओं को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नोटिस जारी होने के बाद अब संबंधित लोगों की नजर प्राधिकरण की अगली कार्रवाई पर है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आने वाले दिनों में अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान भी तेज हो सकता है।

