फरीदाबाद, द न्यूज क्लिक। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा स्वस्थ जीवन जिए, लेकिन जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से जूझ रहे हजारों बच्चों के लिए यह सपना अक्सर आर्थिक तंगी के कारण अधूरा रह जाता है। महंगी हार्ट सर्जरी और इलाज का खर्च कई परिवारों की पहुंच से बाहर होता है। ऐसे समय में सर्वोदय अस्पताल, सेक्टर-8, फरीदाबाद ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए 100 निःशुल्क बाल चिकित्सा हृदय सर्जरी (Pediatric Cardiac Surgeries) कराने की नई कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल की घोषणा की है।
यह पहल केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जिनके बच्चे गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और आर्थिक अभाव के कारण समय पर उपचार नहीं करा पा रहे हैं। अस्पताल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे की जान केवल पैसों की कमी के कारण खतरे में न पड़े।
पिछले वर्ष 100 बच्चों को मिली नई जिंदगी, अब फिर बढ़ा सेवा का दायरा
सर्वोदय अस्पताल ने पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की सीएसआर पहल के तहत 100 जरूरतमंद बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक कराई थी। इन सफल ऑपरेशनों के बाद न केवल बच्चों को नया जीवन मिला, बल्कि उनके परिवारों के चेहरे पर भी खुशियां लौट आईं। इस मानवीय पहल को मिली सफलता और समाज से मिले सकारात्मक सहयोग के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस मिशन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब अगले चरण में 100 और बच्चों को निःशुल्क जीवन रक्षक हृदय सर्जरी उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित नहीं रखती, बल्कि समाज के प्रति उनकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

भारत में हर साल हजारों बच्चे जन्मजात हृदय रोग से होते हैं प्रभावित
विशेषज्ञों के अनुसार जन्मजात हृदय रोग दुनिया के सबसे सामान्य जन्म दोषों में शामिल है। औसतन प्रत्येक 1000 नवजात शिशुओं में 8 से 10 बच्चे किसी न किसी प्रकार की जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित होते हैं। इनमें से अधिकांश मामलों का समय पर ऑपरेशन और उचित इलाज से सफल उपचार संभव है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी, देर से पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित पहुंच के कारण हजारों बच्चे समय पर उपचार नहीं प्राप्त कर पाते। यही कारण है कि सर्वोदय अस्पताल की यह पहल केवल चिकित्सा सेवा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पूरी तरह मुफ्त होगा इलाज, सर्जरी से लेकर देखभाल तक मिलेगी सुविधा
अस्पताल की ओर से बताया गया कि इस सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित पात्र बच्चों को बिना किसी शुल्क के संपूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें— प्रारंभिक जांच, विशेषज्ञ परामर्श, आवश्यक डायग्नोस्टिक टेस्ट, हार्ट सर्जरी, ऑपरेशन के बाद आईसीयू देखभाल, रिकवरी और फॉलोअप जैसी सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं शामिल होंगी। इस पहल का उद्देश्य केवल ऑपरेशन करना नहीं बल्कि बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ जीवन की ओर वापस लाना है।
अनुभवी विशेषज्ञों की टीम करेगी जटिल सर्जरी
इन सभी जीवन रक्षक सर्जरी का नेतृत्व सर्वोदय अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. जय रेलान, वरिष्ठ सलाहकार (बाल हृदय रोग एवं जन्मजात हृदय रोग) तथा डॉ. अनुपम दास, वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष (कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी) करेंगे। इनके साथ अनुभवी बाल हृदय शल्य चिकित्सकों, कार्डियोलॉजिस्ट, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट, इंटेंसिविस्ट, प्रशिक्षित नर्सों और पुनर्वास विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम बच्चों का उपचार करेगी।
1000 से अधिक सफल बाल हृदय सर्जरी का अनुभव
सर्वोदय अस्पताल का बाल हृदय विभाग देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल है। यहां अब तक 1000 से अधिक सफल बाल हृदय सर्जरी की जा चुकी हैं। अस्पताल में निम्नलिखित गंभीर हृदय रोगों का आधुनिक तकनीकों से सफल उपचार किया जाता है— एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD)
वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD)
पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA)
टेट्रालॉजी ऑफ फैलोट (TOF)
अन्य जटिल जन्मजात हृदय विकार। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर अधिकांश बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं।
प्रबंधन ने कहा—हर बच्चे को स्वस्थ भविष्य देना हमारा संकल्प
सर्वोदय हेल्थकेयर की प्रबंध निदेशक श्रीमती अंशु गुप्ता ने कहा कि अस्पताल गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील और समान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे के जीवन और उपचार में बाधा नहीं बननी चाहिए। इस पहल के माध्यम से अस्पताल उन परिवारों के साथ खड़ा है जो अपने बच्चों का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके बच्चे को जन्मजात या गंभीर हृदय रोग है तो वे समय रहते अस्पताल से संपर्क करें, क्योंकि शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बच्चों के स्वस्थ होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश के अधिक से अधिक अस्पताल और कॉर्पोरेट संस्थान इस प्रकार की सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं तो हजारों बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है। सर्वोदय अस्पताल की यह पहल केवल चिकित्सा सेवा नहीं बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। यह कार्यक्रम उन परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जिनके लिए महंगी हार्ट सर्जरी अब तक केवल एक सपना थी। अब यह सपना साकार होने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ चुका है।

