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Friday, July 3, 2026
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    Breaking News : “नाले साफ या शहर गंदा?” अमित गुप्ता ने नोएडा प्राधिकरण पर साधा निशाना, सफाई अभियान पर उठाए गंभीर सवाल, बरसात के मौसम में भी नहीं की सफाई, व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, “धन्यवाद नोएडा प्राधिकरण, जीएम एस.पी. सिंह जी और जीएम अरोड़ा जी

    नालों की सफाई के नाम पर पूरे शहर की सड़कें कचरे से पट गई हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमित गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्राधिकरण के जीएम एस.पी. सिंह और जीएम अरोड़ा को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, "धन्यवाद नोएडा प्राधिकरण, जीएम एस.पी. सिंह जी और जीएम अरोड़ा जी।

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    नोएडा, रफ्तार टुडे। नोएडा प्राधिकरण के प्री-मानसून नाला सफाई अभियान पर सामाजिक कार्यकर्ता अमित गुप्ता ने तीखा कटाक्ष करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई के नाम पर पूरे शहर की सड़कें कचरे से पट गई हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमित गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्राधिकरण के जीएम एस.पी. सिंह और जीएम अरोड़ा को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, “धन्यवाद नोएडा प्राधिकरण, जीएम एस.पी. सिंह जी और जीएम अरोड़ा जी।

    आपने बरसात से पहले नालों की सफाई के लिए इतनी मेहनत की कि उसकी तस्वीरें अखबारों में भी छप रही हैं। लेकिन नाले कितने साफ हुए, यह तो पता नहीं, हां सड़कें जरूर कचरे से भर गई हैं।”उन्होंने बताया कि सेक्टर-62 और सेक्टर-41 की तस्वीरें अखबारों में प्रकाशित हुई हैं और अब वह सेक्टर-76 की तस्वीरें भी साझा करेंगे। उनका दावा है कि केवल कुछ सेक्टर ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में नाला सफाई अभियान के दौरान यही स्थिति देखने को मिल रही है।

    अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि सफाई के दौरान निकाला गया गाद और कचरा कई दिनों तक सड़कों और फुटपाथों पर पड़ा रहता है, जिससे बदबू फैलने के साथ-साथ आवागमन भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नालों के ऊपर लगी स्लैब्स तोड़ दी गई हैं या उन्हें किनारे फेंक दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या संबंधित महाप्रबंधक (जीएम) कभी स्वयं मौके पर जाकर यह देखते हैं कि सफाई कार्य किस प्रकार किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि अधिकारी नियमित निरीक्षण करें तो ऐसी अव्यवस्थाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सकती है।

    अमित गुप्ता ने कहा कि प्राधिकरण के ओएसडी कभी-कभार निरीक्षण के लिए पहुंच जाते हैं, लेकिन वरिष्ठ प्रबंधक, सीनियर मैनेजर और जूनियर इंजीनियर (JE) जमीनी स्तर पर काम की निगरानी करते दिखाई नहीं देते। यही कारण है कि ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं और सफाई अभियान की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि शहरवासी और मीडिया इस अव्यवस्था को साफ तौर पर देख रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों को यह सब दिखाई नहीं दे रहा। उनका कहना है कि यदि समय रहते निकाले गए कचरे का तत्काल निस्तारण नहीं किया गया, तो बारिश के दौरान यही गाद और मलबा दोबारा नालों में जाकर जलभराव की समस्या को और बढ़ा सकता है।अमित गुप्ता ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि नाला सफाई कार्य की नियमित निगरानी की जाए, निकाले गए कचरे को तुरंत हटाया जाए तथा क्षतिग्रस्त फुटपाथों और स्लैब्स की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि सफाई अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके और नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

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