ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। नेत्रदान के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा में ‘नेत्रदान पखवाड़े’ के अवसर पर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिम्स के नेत्र रोग विभाग की ओर से अस्पताल के ओपीडी पंजीकरण क्षेत्र में किया गया, जहां मरीजों और उनके तीमारदारों को नेत्रदान के सामाजिक एवं मानवीय महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अभियान का उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि नेत्रदान एक ऐसा मानवीय कार्य है, जिसके माध्यम से किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के दौरान नेत्रदान को लेकर समाज में मौजूद विभिन्न भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने का भी प्रयास किया गया।
नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में जिम्स नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रभावी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से नेत्रदान की आवश्यकता, इसके मानवीय महत्व और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को सरल एवं प्रभावी तरीके से सामने रखा। ओपीडी क्षेत्र में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों ने नुक्कड़ नाटक को देखा। विद्यार्थियों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से लोगों को नेत्रदान के लिए आगे आने और इस विषय से जुड़ी भ्रांतियों को छोड़ने का संदेश दिया।
कॉर्निया रिट्रीवल सेंटर प्रभारी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
नुक्कड़ नाटक के बाद कॉर्निया रिट्रीवल सेंटर की प्रभारी डॉ. शैली राज ने जागरूकता वार्ता की। उन्होंने लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मृत्यु के बाद निर्धारित समय के भीतर कॉर्निया रिट्रीवल की प्रक्रिया की जाती है। उन्होंने नेत्रदान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल भाषा में समझाया और बताया कि दान किया गया कॉर्निया दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डॉ. शैली राज ने लोगों से नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और इस मानवीय पहल से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई लोग नेत्रदान से जुड़ी गलत धारणाओं के कारण इस नेक कार्य से पीछे हट जाते हैं। ऐसे में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टरों और नर्सिंग विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगेडियर) राकेश गुप्ता तथा नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. के.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर डॉ. नंदिता चतुर्वेदी सहित नेत्र रोग विभाग के सभी जूनियर डॉक्टरों ने कार्यक्रम में उपस्थित रहकर सक्रिय सहभागिता निभाई। नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया।

‘एक संकल्प किसी की जिंदगी में ला सकता है रोशनी’
कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को यह संदेश दिया गया कि नेत्रदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति मानवीय जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। एक व्यक्ति द्वारा लिया गया नेत्रदान का संकल्प किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और रोशनी का माध्यम बन सकता है। GIMS के नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को नेत्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें इस मानवीय पहल के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता ने अभियान को प्रभावी बनाया।

