ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल KPV के अर्ली ईयर्स के नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके व्यक्तित्व और श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को अपनी शानदार प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत कर दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित वार्षिक प्रस्तुति “From Flute to Soul: The Art of Living with Krishna” ने दर्शकों को भक्ति, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए भावनाओं से भर दिया।
कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने अपनी मासूमियत, आत्मविश्वास, ऊर्जा और मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का दिल जीत लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में जहां श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झलक देखने को मिली, वहीं उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों और शिक्षाओं को नृत्य, नाट्य एवं सामूहिक गायन के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में बीबीसी न्यूज़ हिंदी के संपादक श्री नितिन श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कार्यक्रम की विषयवस्तु और बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को मंच पर प्रस्तुत करने के प्रयास को सराहनीय बताया।
इस अवसर पर अभिभावक अतिथियों के रूप में श्री वरुण राठी, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया; डॉ. राजकुमार सिंह, अधिवक्ता एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, तीस हजारी कोर्ट कॉम्प्लेक्स; श्री अमित रावत, पत्रकारिता विभाग, आज तक; डॉ. सीता राम निसु, चिकित्सक, मैक्स अस्पताल; श्री सुमित सिन्हा, चीफ ऑफिसर, मर्चेंट नेवी; डॉ. आशीष त्यागी, कंसल्टेंट, मैक्स अस्पताल; डॉ. शैलजा त्यागी, चिकित्सक, यथार्थ अस्पताल; तथा श्री विकास कुमार, हेड ऑफ टेक्नोलॉजी, एनडीटीवी मौजूद रहे।
नृत्य और नाट्य के जरिए जीवंत हुई कृष्ण की कथा
कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं को सामूहिक गायन, नाट्य प्रस्तुतियों और मनमोहक नृत्य के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया। नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों और उनके जीवन दर्शन को सहज एवं प्रभावी तरीके से दर्शाया।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को केवल धार्मिक संदर्भ तक सीमित न रखते हुए उन्हें आज के विद्यार्थी जीवन से जोड़ा गया। बच्चों की प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जीवन में सही सोच रखना, सही मार्ग चुनना और अपने कर्म पर पूरी निष्ठा से ध्यान केंद्रित करना आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बच्चों की प्रस्तुति ने दिया जीवन मूल्यों का संदेश
श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं से प्रेरित इस आयोजन में कर्म, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सही निर्णय जैसे जीवन मूल्यों को प्रमुखता दी गई। मंच पर बच्चों की सहज अदाकारी और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया और उनका तालियों से स्वागत किया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजू वर्मा ने नन्हे कलाकारों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास, मेहनत और रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम से जुड़े सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों को सराहा।
“From Flute to Soul: The Art of Living with Krishna” ने जन्माष्टमी समारोह को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और गीता की सीख को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया। भक्ति, संगीत, नृत्य और जीवन मूल्यों से सजे इस आयोजन ने उपस्थित लोगों के लिए जन्माष्टमी को एक सुंदर, भावपूर्ण और यादगार अनुभव बना दिया।

