नोएडा, द न्यूज क्लिक। बच्चों के बढ़ते मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर अब अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने केंद्र सरकार से सख्त नियम बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यूरोपीय देशों की तर्ज पर भारत में भी 15 वर्ष तक के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कानून बनाया जाना चाहिए। बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल शिक्षा और आवश्यक अध्ययन संबंधी कार्यों के लिए करने की अनुमति होनी चाहिए।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत मेरठ प्रांत के अध्यक्ष डा. विपिन गुप्ता ने रविवार को नोएडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह मांग रखी। वह नोएडा महानगर कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया की पहुंच उनके व्यवहार, पढ़ाई और सामाजिक जीवन पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम और अभिभावकों के लिए भी जिम्मेदार व्यवस्था जरूरी है।
15 साल तक के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध की मांग
डा. विपिन गुप्ता ने कहा कि भारत में भी 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों को मोबाइल फोन पूरी तरह से देने के बजाय उसका उपयोग शिक्षा और अध्ययन से संबंधित आवश्यक कार्यों तक सीमित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ओर से केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा गया है। संगठन को उम्मीद है कि सरकार आने वाले समय में इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी और बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए कानून या प्रभावी नियामक व्यवस्था तैयार कर सकती है।
डा. गुप्ता ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, लेकिन बच्चों के लिए इसके उपयोग की उम्र, समय और उद्देश्य को लेकर स्पष्ट सीमाएं होना भी जरूरी है। शिक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल उपयोगी है, लेकिन सोशल मीडिया की अनियंत्रित पहुंच को लेकर अभिभावकों और समाज में चिंता बढ़ रही है।
कार में आग या पानी में फंसने पर क्या करें, इसकी जानकारी भी जरूरी
ग्राहक पंचायत के प्रांत अध्यक्ष ने उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी कारों में मौजूद सुरक्षा फीचर्स के बारे में ग्राहकों को शोरूम में जानकारी देती हैं, लेकिन कई बार ऐसी आपात परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी जाती, जिनका सामना वाहन चालक को अचानक करना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई कार पानी में फंस जाए, अचानक कार में आग लग जाए, दुर्घटना के कारण सेंट्रल लॉक जाम हो जाए या किसी अन्य आपात स्थिति में कार के दरवाजे सामान्य तरीके से न खुलें, तो उस समय चालक और यात्रियों को क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में जानकारी का अभाव जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों को केवल कार के फीचर्स और तकनीकी खूबियां बताना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की बुनियादी जानकारी भी दी जानी चाहिए।
कार शोरूम में अनिवार्य हो आपातकालीन सुरक्षा प्रशिक्षण
डा. विपिन गुप्ता ने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत इस मुद्दे को लेकर एक विशेष मुहिम चलाने की तैयारी कर रहा है। संगठन की मांग है कि कार कंपनियों के शोरूम में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सामान्य सुरक्षा फीचर्स के साथ-साथ आपात स्थिति में बचाव के उपायों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि वाहन खरीदते समय ग्राहक को यह बताया जाना चाहिए कि यदि कार में अचानक आग लग जाए तो किस तरह बाहर निकलना है, पानी में वाहन फंसने की स्थिति में क्या सावधानी बरतनी है और सेंट्रल लॉक या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम काम नहीं करने पर दरवाजे कैसे खोले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी वाहन मालिक के साथ-साथ उसमें यात्रा करने वाले परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। कई बार दुर्घटना की स्थिति में कुछ सेकंड का सही निर्णय व्यक्ति की जान बचा सकता है।
नोएडा महानगर कार्यकारिणी की बैठक में संगठनात्मक चर्चा
रविवार को नोएडा में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की नोएडा महानगर कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने उपभोक्ता अधिकारों, सामाजिक सरोकारों और संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की। इसी दौरान संगठन की ओर से सेक्टर-112 निवासी मुखिया अजय यादव को रोजगार सह प्रमुख, मेरठ प्रांत बनाए जाने की घोषणा की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
बैठक के दौरान संगठन की गतिविधियों को महानगर और प्रांत स्तर पर मजबूत करने तथा उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर भी चर्चा हुई।
पदाधिकारियों को सौंपे गए दायित्व
कार्यक्रम में मेरठ प्रांत के पदाधिकारियों ने जिला और महानगर स्तर के पदाधिकारियों को उनके दायित्वों की जानकारी दी। इस दौरान प्रांत संगठन मंत्री नरेंद्र शर्मा, प्रांत संगठन मंत्री लाखन सिंह, प्रांत प्रचार मंत्री पवन त्यागी और महिला आयाम प्रमुख मेरठ प्रांत सुमन जैन मौजूद रहीं। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को स्थानीय स्तर पर मजबूती से उठाने के लिए संगठन की इकाइयों को सक्रिय किया जा रहा है। लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाजार में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न अभियानों को आगे बढ़ाने की योजना है।
नोएडा महानगर की टीम भी रही मौजूद
बैठक में नोएडा महानगर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान नोएडा महानगर अध्यक्ष अजय पांडे, महानगर उपाध्यक्ष अरुण कुमार और ज्ञानेंद्र, सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, सहसचिव आदित्य नारायण सिंह, प्रभाकर झा, कोषाध्यक्ष अमरजीत यादव और मीडिया प्रभारी आकाश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा मुखिया अरुण यादव, मुखिया अमित यादव समेत संगठन से जुड़े अन्य कार्यकर्ताओं ने भी बैठक में सहभागिता की।
उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान की तैयारी
बैठक के दौरान उपभोक्ता हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ता केवल किसी उत्पाद का खरीदार नहीं है, बल्कि उसके पास उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा, कीमत और सेवा से जुड़े अधिकार भी हैं। डा. विपिन गुप्ता ने कहा कि संगठन का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ उन सावधानियों की जानकारी भी दी जाए, जो किसी उत्पाद या सेवा का इस्तेमाल करते समय उनके लिए जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों का मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल तथा वाहन सुरक्षा दोनों अलग-अलग विषय जरूर हैं, लेकिन दोनों का संबंध सीधे तौर पर सुरक्षा और जागरूकता से है। एक ओर बच्चों को डिजिटल दुनिया के जोखिमों से बचाने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर वाहन उपभोक्ताओं को आपातकालीन परिस्थितियों में सही कदम उठाने के लिए तैयार करना भी जरूरी है।
डिजिटल सुरक्षा और वाहन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता
ग्राहक पंचायत द्वारा उठाए गए दोनों मुद्दों में एक समान बात यह है कि उपभोक्ताओं और परिवारों को संभावित जोखिमों के बारे में पहले से जागरूक किया जाए। बच्चों के मामले में सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर चिंता है, जबकि वाहन के मामले में आपात स्थिति के दौरान सही जानकारी नहीं होने को लेकर सवाल उठाया गया है। संगठन का मानना है कि तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का लाभ तभी पूरी तरह सुरक्षित माना जा सकता है, जब उसके इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों की जानकारी भी लोगों को हो।
अब देखना होगा कि केंद्र सरकार बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर ग्राहक पंचायत की मांग पर क्या रुख अपनाती है और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शोरूम में आपातकालीन सुरक्षा जानकारी को अनिवार्य किए जाने की दिशा में संगठन की प्रस्तावित मुहिम किस रूप में आगे बढ़ती है। वहीं, नोएडा महानगर की नई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों के बाद संगठन के स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता जागरूकता अभियानों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

