28.7 C
Greater Noida
Saturday, April 18, 2026
More

    Greater Noida Authority News : “तथागत की प्रतिमा के साए में गंदगी!, परी चौक झंडे वाले मंदिर के पास बने पार्क की बदहाली पर उठे सवाल” — FOB ठेकेदार पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    झंडे वाले मंदिर के पास बने पार्क की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। जिस पार्क को शहरवासियों के लिए हरियाली, शांति और सुकून का केंद्र होना चाहिए था, वह आज लापरवाही, गंदगी और अव्यवस्था का उदाहरण बनता

    Must read

    ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के दिल कहे जाने वाले परी चौक क्षेत्र में स्थित झंडे वाले मंदिर के पास बने पार्क की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। जिस पार्क को शहरवासियों के लिए हरियाली, शांति और सुकून का केंद्र होना चाहिए था, वह आज लापरवाही, गंदगी और अव्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इसी पार्क में तथागत गौतमबुद्ध जी की प्रतिमा स्थापित है, लेकिन उसके आसपास का माहौल उनकी शिक्षाओं और सम्मान के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहा है।

    शांति के प्रतीक पार्क में गंदगी का अंबार

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि FOB (फुट ओवर ब्रिज) निर्माण से जुड़े ठेकेदार ने इस पार्क को अस्थायी डंपिंग ग्राउंड की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पार्क के भीतर बाथरूम साफ करने वाली गाड़ी लंबे समय से खड़ी कर दी गई है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि पूरे पार्क की स्वच्छता व्यवस्था भी चौपट हो गई है।
    सुबह-शाम टहलने आने वाले बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    बुद्ध प्रतिमा के अपमान का आरोप

    स्थानीय नागरिक हरेंद्र भाटी ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा,

    “इस पार्क में तथागत गौतमबुद्ध जी की प्रतिमा स्थापित है। कम से कम उसकी तो लाज रख लीजिए। जिस स्थान पर शांति, करुणा और स्वच्छता का संदेश होना चाहिए, वहीं गंदगी फैलाई जा रही है। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का भी अपमान है।”

    उनका कहना है कि बुद्ध प्रतिमा के आसपास गंदगी फैलने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है और यह शहर की छवि पर भी नकारात्मक असर डाल रहा है।

    ठेकेदार की मनमानी, पार्क बना कार्यस्थल

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि FOB ठेकेदार ने पार्क को अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। निर्माण कार्य से जुड़े संसाधन, गाड़ियां और कचरा पार्क में रख दिया गया है।
    इससे न केवल हरियाली को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पार्क की मूल पहचान भी खत्म होती जा रही है।

    शहर के पार्कों की बिगड़ती हालत

    यह मामला सिर्फ एक पार्क तक सीमित नहीं है। ग्रेटर नोएडा के कई अन्य पार्कों की हालत भी धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। कहीं रखरखाव की कमी है, तो कहीं निर्माण कार्यों के नाम पर हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उद्यान विभाग की निगरानी कमजोर होने के कारण ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।

    उद्यान विभाग पर उठे सवाल

    नागरिकों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह पार्क पूरी तरह अपनी पहचान खो देगा और तथागत बुद्ध जी की प्रतिमा भी उपेक्षा का शिकार होती रहेगी।

    स्थानीय लोगों की पीड़ा

    पार्क में रोजाना आने वाले लोगों का कहना है कि यह स्थान बच्चों के खेलने, बुजुर्गों के योग-प्राणायाम और आम नागरिकों के लिए मानसिक शांति का केंद्र था।
    अब गंदगी, बदबू और अव्यवस्था के कारण लोग यहां आने से कतराने लगे हैं।

    प्रशासन से कार्रवाई की मांग

    स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि—

    पार्क से तुरंत बाथरूम की गाड़ी और निर्माण सामग्री हटाई जाए

    FOB ठेकेदार पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाए

    उद्यान विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए

    बुद्ध प्रतिमा के आसपास स्वच्छता और सौंदर्यीकरण किया जाए

    विकास बनाम पर्यावरण का सवाल

    ग्रेटर नोएडा को आधुनिक और विकसित शहर के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन यदि विकास के नाम पर हरित क्षेत्रों और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों की उपेक्षा की जाएगी, तो यह विकास अधूरा माना जाएगा। शहरवासियों का कहना है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    परी चौक के पास स्थित यह पार्क आज प्रशासनिक उदासीनता और ठेकेदारों की मनमानी का प्रतीक बनता जा रहा है।
    तथागत गौतमबुद्ध जी की प्रतिमा जहां शांति, करुणा और स्वच्छता का संदेश देती है, वहीं उसके आसपास फैली गंदगी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है।
    अब देखना यह है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उद्यान विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब तक कार्रवाई करता है।

    द न्यूज क्लिक न्यूज

    More articles

    Latest article