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Saturday, April 18, 2026
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    Numed Hospital News : न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में चिकित्सा चमत्कार, जानलेवा हेटेरोटॉपिक प्रेगनेंसी का सफल इलाज, माँ और दोनों नवजात पूरी तरह सुरक्षित, जटिल सर्जरी, लेकिन सटीक योजना, न्यूमेड हॉस्पिटल बना भरोसे का नाम

    न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में हेटेरोटॉपिक प्रेगनेंसी जैसे अत्यंत दुर्लभ, जटिल और जानलेवा मामले का सफल उपचार करते हुए माँ और दोनों नवजात शिशुओं की जान बचाई

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    ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन। ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन स्थित न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में हेटेरोटॉपिक प्रेगनेंसी जैसे अत्यंत दुर्लभ, जटिल और जानलेवा मामले का सफल उपचार करते हुए माँ और दोनों नवजात शिशुओं की जान बचाई गई। इस असाधारण सफलता को लेकर अस्पताल परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया

    प्रेस वार्ता के दौरान अस्पताल के सीईओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि पूजा नाम की मरीज हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था से पीड़ित थी। यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें एक गर्भ गर्भाशय के भीतर और दूसरा गर्भ पेट की गुहा (एब्डॉमिनल कैविटी) में विकसित होता है। उन्होंने बताया कि यह भारत का पहला रिपोर्टेड मामला है, जिसमें 29 सप्ताह और 1 दिन तक गर्भावस्था को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया गया और सफल सजीव प्रसव संभव हो पाया। विश्व स्तर पर इसे इस प्रकार का चौथा प्रलेखित मामला माना जा रहा है।

    बेहद उच्च जोखिम में थी मरीज

    गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. नीतू ने बताया कि हेटेरोटॉपिक गर्भावस्था के मामले अत्यंत दुर्लभ होते हैं और इनमें जोखिम कई गुना अधिक रहता है। पूजा मरीज उच्च जोखिम श्रेणी में थी। उसका रक्त समूह Rh-नेगेटिव था, साथ ही एनीमिया, कम प्लेटलेट काउंट, लिवर व किडनी फंक्शन में गड़बड़ी और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का पूर्व मेडिकल इतिहास भी था। मरीज को गंभीर हालत में तेज पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव के साथ अस्पताल लाया गया था।

    उन्होंने बताया कि मरीज को लगभग तीन माह तक यूरिनरी कैथेटर लगा रहा। बाहर कराए गए अल्ट्रासाउंड में इसे सामान्य जुड़वां गर्भावस्था बताया गया, जिससे सही निदान में देरी हुई और स्थिति और अधिक जटिल हो गई।

    जटिल सर्जरी से बची जान

    मरीज को बहु-विषयक विशेषज्ञों की टीम की लगातार निगरानी में रखा गया। हालत बिगड़ने पर आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। सर्जरी के दौरान यह सामने आया कि पेट में विकसित गर्भ का प्लेसेंटा आंतों में असामान्य रूप से धंसा हुआ था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। स्थिति बेहद जानलेवा थी, लेकिन समय रहते किए गए शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप से मरीज की जान बचा ली गई।

    08 नवंबर 2025 को हुई जटिल सर्जरी के दौरान प्लेसेंटा से जुड़ा आंत का एक बड़ा हिस्सा निकालना पड़ा। इसी दौरान मरीज ने दो पुरुष शिशुओं को जन्म दिया—एक गर्भाशय में विकसित गर्भ से और दूसरा पेट में विकसित गर्भ से।

    डॉक्टरों की टीम को मिली सराहना

    न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया,
    “हेटेरोटॉपिक प्रेगनेंसी बहुत ही दुर्लभ होती है और इसमें सबसे बड़ी चुनौती समय पर पहचान और सही निर्णय लेना होता है। हमारी टीम ने समन्वय और आधुनिक तकनीक के जरिए माँ और बच्चों दोनों की जान बचाई, जो हमारे लिए गर्व का विषय है।”

    अस्पताल प्रबंधन ने भी कहा कि यह सफलता उन्नत चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और टीमवर्क का परिणाम है।

    न्यूमेड हॉस्पिटल बना भरोसे का नाम

    यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जटिल से जटिल मेडिकल केसेज़ में भी भरोसेमंद इलाज प्रदान कर रहा है। अत्याधुनिक उपकरण, 24×7 इमरजेंसी सेवाएं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के चलते यह अस्पताल ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है।

    समय पर जांच, सही निर्णय और विशेषज्ञ उपचार—इन तीनों के समन्वय से न्यूमेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने एक जानलेवा स्थिति को खुशियों में बदल दिया। यह सफलता न केवल चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी आशा की किरण है, जो जटिल गर्भावस्था की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

    दोनों नवजात स्वस्थ

    डॉक्टर डॉ. छवि ने बताया कि गर्भाशय में विकसित शिशु का जन्म वजन 1.4 किलोग्राम और पेट में विकसित शिशु का वजन 1.0 किलोग्राम था। दोनों नवजात फिलहाल स्वस्थ और स्थिर हैं तथा नवजात गहन देखभाल इकाई में उनकी लगातार निगरानी की गई।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज को नवंबर माह में डिस्चार्ज कर दिया गया था और उसकी स्थिति वर्तमान में संतोषजनक है। आगे के उपचार के अंतर्गत आंतों की एनास्टोमोसिस की योजना बनाई गई है।

    इस अवसर पर अस्पताल के सीईओ जितेंद्र कुमार, डॉ. नीतू, डॉ. छवि, अनुरुद्ध, अस्पताल की पीआरओ मुस्कान शर्मा, शशि शर्मा सहित अन्य चिकित्सक और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस सफल उपचार को भारतीय चिकित्सा इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

    https://raftartoday.com/?p=46809

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