ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
ग्रेटर नोएडा शिक्षा और प्रतिभाओं की नई राजधानी के रूप में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में GNIOT Group of Institutions एवं Dhruv Classes के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “Young Achievers Excellence Award – शिक्षा से सेवा तक 2026” कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा प्रेरणा का अनूठा संगम बनकर सामने आया। इस भव्य समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं, IIT-JEE, NDA तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को पुरस्कार देना नहीं था, बल्कि उन्हें समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का भी बोध कराना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। पूरे सभागार में उत्साह, प्रेरणा और उपलब्धि का ऐसा माहौल दिखाई दिया, जिसने हर विद्यार्थी के मन में बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास जगाया।
मेडल और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित हुए मेधावी विद्यार्थी
समारोह के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और Certificate of Excellence प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और अभिभावकों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दे रही थी। आयोजकों ने कहा कि यह सम्मान केवल अंकों का नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और समर्पण का सम्मान है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) श्री चंद्रशेखर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं और आज युवाओं के सामने अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित न रहकर समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनने का आह्वान किया।
संस्कारों के बिना सफलता अधूरी – रजनीश राय
पूर्व प्रवक्ता भाजपा किसान मोर्चा रजनीश राय ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों से माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि वही है, जो संस्कारों के साथ प्राप्त की जाए। उन्होंने युवाओं को परिवार की गरिमा बनाए रखते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।
अंक ही नहीं, अच्छा इंसान बनना भी जरूरी
शिक्षाविद एवं बाल अधिकारों के संरक्षक अजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अधिक अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और बेहतर इंसान बनना है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों पर केवल अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उनकी रचनात्मकता, नवाचार और मानवीय मूल्यों को विकसित करने पर भी ध्यान दें।
योग से मिलेगा स्वस्थ शरीर और सफल जीवन
योग गुरु संतोष ने विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन को भी एकाग्र, शांत और सकारात्मक बनाता है। उनका कहना था कि स्वस्थ शरीर और संतुलित मन ही किसी भी बड़ी सफलता की सबसे मजबूत नींव होते हैं।
पुस्तकों को बनाइए अपना सबसे सच्चा मित्र
पर्दाफाश न्यूज़ के संपादक विकास त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को नियमित पुस्तक अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध बनाती हैं, सोच का दायरा बढ़ाती हैं और जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा
प्रो. प्रवीण पचौरी ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने की मानसिकता से बाहर निकलकर स्टार्टअप और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। यदि युवा रोजगार सृजित करेंगे तो देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत के निर्माण का आह्वान
कौशल्या वर्ल्ड स्कूल की अध्यक्षा कुशल सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत की दिशा और दशा तय करेंगे।
चरित्र और मानसिक मजबूती ही असली सफलता
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मनोज त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र, ईमानदारी और मानसिक दृढ़ता से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने का संदेश
पूर्व श्रमायुक्त एवं लेबर जज बृजेश राय ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को सफल पेशेवर के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक भी बनाए।
‘शिक्षा से सेवा’ का संकल्प रहेगा जारी
Dhruv Classes के संस्थापक पवन राय ने कहा कि उनकी संस्था भविष्य में भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने, शिक्षा से जोड़ने तथा जरूरतमंद छात्रों को हरसंभव शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने “शिक्षा से सेवा” की भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
कई प्रतिष्ठित हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में पूर्व श्रमायुक्त एवं लेबर जज बृजेश राय, समाजसेविका सूर्यकला लक्ष्मी, GNIOT के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह, Helmet Man of India राघवेंद्र, GNIOT समूह के आउटरीच हेड पंकज कुमार सहित अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, नवाचार, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
शिक्षा और सेवा का संदेश बना कार्यक्रम की सबसे बड़ी पहचान
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे, ताकि प्रतिभाओं को मंच मिले और शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा का भाव मजबूत हो। “Young Achievers Excellence Award – शिक्षा से सेवा तक 2026” केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को जिम्मेदार, संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देने वाला यादगार आयोजन बन गया।

