ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नई गति देने की दिशा में आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा स्थित नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (इन्क्यूबेशन सेंटर) में सोमवार को Invest UP के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (Entrepreneurship Development Cell-EDC) की परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के प्रतिनिधिमंडल ने भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान में संचालित स्टार्टअप गतिविधियों, इन्क्यूबेशन सुविधाओं, नवाचार आधारित परियोजनाओं और उद्यमिता विकास की विभिन्न पहलों का गहन अवलोकन किया। साथ ही स्टार्टअप्स को और अधिक प्रभावी संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने तथा राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल में श्री सैयद वसीम, श्री बिपिन बिहारी दुबे, श्री अंशुमान सिंह एवं सुश्री मनाली महेश्वरी शामिल रहे। आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचने पर संस्थान के अधिकारियों एवं नवरचना फाउंडेशन की टीम ने उनका स्वागत किया। इसके बाद आयोजित बैठक में इन्क्यूबेशन सेंटर की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया गया।
स्टार्टअप्स की उपलब्धियों और नवाचारों से कराया अवगत
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को इन्क्यूबेशन सेंटर में विकसित किए जा रहे विभिन्न स्टार्टअप्स, उनके नवाचारों, अनुसंधान आधारित उत्पादों तथा तकनीकी समाधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। टीम ने सेंटर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, कार्यस्थलों और स्टार्टअप्स को उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी एवं व्यावसायिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। प्रतिनिधियों ने यह जाना कि किस प्रकार इन्क्यूबेशन सेंटर नवोदित उद्यमियों को आइडिया से लेकर उत्पाद विकास, व्यवसायिक मॉडल तैयार करने, निवेशकों तक पहुंच बनाने और बाजार से जोड़ने तक हर स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए इसे उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप मिशन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
नीति सहयोग, मेंटरशिप और वित्तीय सहायता पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान Invest UP और नवरचना फाउंडेशन फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में स्टार्टअप्स को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, वित्तीय सहायता, विशेषज्ञ मेंटरशिप, निवेशकों से संपर्क, उद्योगों के साथ साझेदारी तथा मार्केट लिंकज उपलब्ध कराने जैसे विषय प्रमुख रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि शिक्षा संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर कार्य करें तो प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने स्टार्टअप्स को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह भी दी।
स्टार्टअप संस्थापकों से किया सीधा संवाद
दौरे के दौरान पीएमयू टीम ने इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े विभिन्न स्टार्टअप्स के संस्थापकों से भी मुलाकात की। उद्यमियों ने अपने उत्पादों, तकनीकी समाधानों, व्यवसायिक मॉडल और बाजार विस्तार की योजनाओं की जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल ने स्टार्टअप्स के समक्ष आने वाली चुनौतियों को भी गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इस संवाद के माध्यम से युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों को बेहतर बनाने, व्यवसायिक संभावनाओं का मूल्यांकन करने और सरकारी सहायता योजनाओं से जुड़ने के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच समन्वय को मिलेगा बढ़ावा
संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज हमेशा से नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। नवरचना फाउंडेशन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां वे अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदल सकें। उन्होंने Invest UP की पीएमयू टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संस्थागत संवाद से न केवल स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इन्क्यूबेशन भ्रमण शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और युवा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने के लिए प्रेरित होंगे।
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित यह भ्रमण स्टार्टअप इंडिया, StartInUP, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

