35.4 C
Greater Noida
Monday, July 6, 2026
More

    Big News : नोएडा में बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल: ‘केंद्रीकरण और स्टाफ की कमी से शहर अंधेरे में’, RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय का बड़ा आरोप

    Questions raised on power system in Noida: 'City in darkness due to centralisation and lack of staff

    Must read

    नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय (दीपक शर्मा) ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की नई केंद्रीकृत कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्रीकरण की अव्यावहारिक नीति और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण आज पूरा नोएडा बिजली संकट से जूझ रहा है।

    उन्होंने कहा कि नोएडा जैसे हाई-टेक, औद्योगिक और वीआईपी शहर में बिजली की मांग देश के कई बड़े महानगरों के बराबर है। ऐसे शहर के 108 विद्युत उपकेंद्रों (सबस्टेशन) की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी केवल दो एक्सईएन (XEN) को सौंपना प्रशासनिक अदूरदर्शिता का उदाहरण है।

    दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि पहले विभाग में विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू थी, जिसमें जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय से बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान करते थे। लेकिन नई केंद्रीकृत व्यवस्था के कारण निर्णय प्रक्रिया धीमी हो गई है और उपभोक्ताओं को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

    उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता के बिजली बिल में त्रुटि होती है तो उसे सुधारने के लिए पूरे शहर में केवल सेक्टर-18 स्थित एक ही केंद्र बनाया गया है। वहीं मीटर संबंधी समस्याओं के लिए भी नागरिकों को सेक्टर-18 स्थित पीएनबी बैंक के ऊपर बने कार्यालय जाना पड़ता है। नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को सेक्टर-16 या सेक्टर-20 के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

    उनका कहना है कि करोड़ों की आबादी वाले नोएडा में इस प्रकार की केंद्रीकृत व्यवस्था आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग पहले से ही स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है और स्वीकृत पदों की तुलना में फील्ड पर कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है।

    दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि दो अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार होने के कारण बिजली फॉल्ट, मेंटेनेंस और शिकायतों के निस्तारण की गति प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि इसी अव्यवस्था का परिणाम है कि आज शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पावर कॉरपोरेशन से मांग की कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्रीकरण की वर्तमान नीति की तत्काल समीक्षा की जाए, विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए तथा पुरानी विकेंद्रीकृत व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।

    आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बढ़ती आबादी और बिजली की लगातार बढ़ती मांग के बीच नोएडा में बिजली व्यवस्था और अधिक गंभीर संकट का सामना कर सकती है।

    More articles

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Latest article