ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। भारत की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के महानायक और अमर क्रांतिकारी कोतवाल धन सिंह गुर्जर के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वर्ष 1857 की क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले इस वीर सपूत को 4 जुलाई 1857 को अंग्रेजों ने फांसी देकर शहीद कर दिया था। उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान आज भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

4 जुलाई 2026 को उनके बलिदान दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (1908) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय सचिव अरुण भाटी सहित संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कोतवाल धन सिंह गुर्जर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर ने विदेशी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे महान क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही भारत आज स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विश्व में अपनी पहचान बनाए हुए है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में अमर क्रांतिनायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर को शत-शत नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

