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Sunday, May 10, 2026
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    Breaking News : कुत्तों का डर, गेट से पहले दहशत का पहरा!”, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में आवारा कुत्तों का आतंक, 8 दिन में 10 घरेलू सहायिकाओं पर हमला, गुस्साए निवासियों ने कहा—‘अब बहुत हो चुका’, CBRE और NDS सिक्योरिटी के खिलाफ आक्रोश

    Terror of stray dogs in Paramount Golf Forest, 10 domestic helpers attacked in 8 days, angry residents said – ‘Enough is enough’, Outrage against CBRE and NDS Security

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा की हाईप्रोफाइल सोसाइटियों में शामिल पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट इन दिनों किसी लग्जरी टाउनशिप से ज्यादा “डर और दहशत” का केंद्र बनती जा रही है। यहां रहने वाले लोग अब मेंटेनेंस, सिक्योरिटी और सुविधाओं से ज्यादा एक ऐसे खतरे से परेशान हैं, जिसने बच्चों, महिलाओं और कामकाजी सहायिकाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। आरोप है कि सोसाइटी परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि पिछले महज 8 दिनों में करीब 10 घरेलू कामगार महिलाओं को कुत्तों ने काट लिया, लेकिन प्रबंधन और सिक्योरिटी एजेंसियां अब भी मूकदर्शक बनी हुई हैं।

    सुबह काम पर आने से डर रहीं घरेलू सहायिकाएं

    सोसाइटी में काम करने आने वाली घरेलू सहायिकाओं और कर्मचारियों का कहना है कि अब उन्हें हर सुबह सोसाइटी के अंदर घुसने से पहले डर लगता है। कई महिलाएं चोटिल हो चुकी हैं, कुछ के कपड़े तक फट गए, जबकि कईयों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं।
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोसाइटी परिसर में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं और विशेष रूप से सुबह और रात के समय ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं।
    एक घरेलू सहायिका ने बताया—
    “हम लोग काम करने आते हैं, लेकिन हर दिन डर बना रहता है कि पता नहीं कब कौन सा कुत्ता हमला कर दे। कई बार सिक्योरिटी को कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”

    “प्रबंधन हाथ पर हाथ रखकर बैठा है” — निवासियों में भारी आक्रोश

    सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद CBRE मैनेजमेंट टीम और सिक्योरिटी एजेंसी NDS कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें देने, वीडियो भेजने और घटनाओं की जानकारी साझा करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सोसाइटी निवासी अशोक चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा—“मैनेजर धीर सिंह ने लोगों के फोन उठाने तक बंद कर दिए हैं। उन्हें पता है कि निवासियों में भारी आक्रोश है, इसलिए अब वह मामले से बचते और भागते दिखाई दे रहे हैं।” उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती तो हालात इतने खराब नहीं होते।

    “अब CBRE और NDS को Bye कहकर ही दम लेंगे” — एडवोकेट गौरव शर्मा

    सोसाइटी में बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है।
    एडवोकेट गौरव शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
    “सोसाइटी वासी अब CBRE और NDS को ‘Bye’ कहकर ही दम लेंगे। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।”
    उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में कुत्तों ने घरेलू सहायिकाओं के कपड़े तक फाड़ दिए, जिससे महिलाओं में भय और असुरक्षा की भावना और ज्यादा बढ़ गई है।

    प्रियंका गेरा का कहना है कि वो NDS सिक्योरिटी और CBRE मेंटेनेंस टीम से तंग आ चुकी है। रख रखाव वालों पर कुछ काम नहीं है बसें गाड़ियां हटवाने के अलावा, जरुरी चीज़ों को अनदेखा किया हुए है। मेंटेनेंस शुल्क लेने में सक्रिय है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।

    सोसाइटी निवासी आंसू रावत ने भी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा— “जब तक सिक्योरिटी टीम और CBRE मैनेजर धीर सिंह को खुद कुत्ते नहीं काटेंगे, तब तक उनकी नींद नहीं खुलेगी।” उनका कहना है कि प्रबंधन केवल मेंटेनेंस शुल्क लेने में सक्रिय है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।

    बच्चों और बुजुर्गों पर भी मंडरा रहा खतरा

    निवासियों का कहना है कि खतरा केवल कामकाजी महिलाओं तक सीमित नहीं है। सोसाइटी में खेलने वाले छोटे बच्चे, मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले बुजुर्ग और रात में लौटने वाले निवासी भी लगातार डर के माहौल में जी रहे हैं। कई निवासियों ने दावा किया कि रात के समय पार्किंग और टावरों के आसपास कुत्तों के झुंड आक्रामक व्यवहार करते हैं।

    प्रशासन और प्राधिकरण से हस्तक्षेप की मांग

    अब सोसाइटी के लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि—
    सोसाइटी परिसर में डॉग कंट्रोल अभियान चलाया जाए
    पशु चिकित्सकीय टीम बुलाकर आक्रामक कुत्तों को हटाया जाए
    प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाए
    सुरक्षा एजेंसी की जवाबदेही सुनिश्चित हो

    मेंटेनेंस के नाम पर लाखों, सुरक्षा के नाम पर सन्नाटा?

    पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट जैसी हाईराइज और प्रीमियम सोसाइटी में रहने वाले लोगों का सवाल है कि जब निवासी हर महीने भारी मेंटेनेंस शुल्क देते हैं, तो फिर बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं मिल पा रही? लोगों का कहना है कि यह केवल एक “डॉग मेनस” का मामला नहीं, बल्कि सोसाइटी मैनेजमेंट की जवाबदेही और संवेदनहीनता का मुद्दा बन चुका है।

    अब कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन संभव

    सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो निवासी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान और प्राधिकरण के सामने धरना देने की तैयारी भी कर सकते हैं।

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