ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के पावन अवसर पर गौड़ सौंदर्यम सोसाइटी की अर्जुन शाखा द्वारा हिंदू साम्राज्य दिवस श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज के राष्ट्रनिर्माण, स्वाभिमान और सुशासन के आदर्शों को नमन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. वीरेंद्र शेखर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्षपूर्ण जीवन, अद्वितीय नेतृत्व क्षमता तथा हिंदवी स्वराज की स्थापना के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी समाज को प्रेरणा देता है।
मुख्य वक्ता सुबोध ने शिवाजी महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने अफजल खान के साथ हुए ऐतिहासिक युद्ध में शिवाजी महाराज की वीरता और रणनीतिक कौशल का वर्णन करते हुए बाघनख के प्रसंग पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने राजा जय सिंह को लिखे गए शिवाजी महाराज के भावपूर्ण पत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि वह पत्र राष्ट्र, धर्म और स्वाभिमान के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
हिंदू साम्राज्य दिवस के अवसर पर गौड़ सौंदर्यम एओए के पूर्व अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कामता नाथ गुप्ता, बस्ती प्रमुख अशोक शर्मा सहित सोसाइटी के अनेक गणमान्य नागरिक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मुख्य कार्यवाह राजेश गुप्ता ने किया, जबकि शाखा का ध्वज प्रणाम मुख्य शिक्षक उमंग दीक्षित द्वारा कराया गया। गणगीत एवं प्रार्थना का दायित्व संजीव मिश्रा ने निभाया तथा गजेंद्र नाथ ने एकल गीत प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित हुए और अनुशासित ढंग से आयोजन की व्यवस्थाओं का संचालन किया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू साम्राज्य दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि का स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी अवसर है। उपस्थित लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प भी लिया।

