ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी, भूमि खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं और वित्तीय हेराफेरी के आरोपों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर ने बुधवार को जिला मुख्यालय सूरजपुर पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। देशभर के श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी मेहनत की कमाई और गहरी आस्था के साथ दान दिया है। ऐसे में यदि दान राशि, भूमि क्रय-विक्रय या ट्रस्ट के वित्तीय कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि जनता और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।
जिला संगठन प्रभारी मुकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धार्मिक आस्था का सम्मान करती है, लेकिन जनविश्वास और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जिला उपाध्यक्ष नीरज लोहिया ने कहा कि कांग्रेस किसी धार्मिक संस्था या व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है, बल्कि यह मांग कर रही है कि श्रद्धालुओं के दान और जनभावनाओं से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर देश की आस्था का प्रतीक है और उससे जुड़े किसी भी विवाद का निष्पक्ष समाधान आवश्यक है।
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहित भाटी एडवोकेट ने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संबंधित दान राशि, भूमि खरीद-फरोख्त और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा न्यायिक निगरानी में कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि देश की जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन महाराज सिंह नागर ने कहा कि भगवान श्रीराम पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि जनविश्वास की रक्षा के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और मंदिर निर्माण से जुड़े सभी वित्तीय पहलुओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति समाप्त हो सके।
इस अवसर पर मुकेश शर्मा, आर.के. प्रथम, महाराज सिंह नागर, नीरज लोहिया, मोहित भाटी एडवोकेट, हरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण भाटी, गौतम सिंह, कपिल भाटी, सुबोध भट्ट, नीरज शर्मा, मोहम्मद तनवीर अहमद, प्रिंस भाटी, प्रभात नागर, रमेश चंद जीनवाल, ओंकार राणा, बॉबी प्रधान, जतन सिन्हा, अजय, कपिल यादव, गौरव, नईमुद्दीन, अंकुर कुमार, सचिन चौगानपुर, के.के. भाटी, अतेंद्र चौधरी, हरेंद्र भाटी, अभिषेक, विकास, रोहन और रामानुज तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि जनविश्वास और पारदर्शिता की रक्षा करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेंगी तथा निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लाएंगी।

