ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक । ग्रेटर नोएडा में खेल मैदान की जमीन और जगत फार्म मार्केट से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक एवं क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़े लोगों ने कई गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उमेश भाटी ने हॉकी एसोसिएशन की कार्यप्रणाली, खेल मैदान की जमीन और जगत फार्म मार्केट के विकास से जुड़े मामलों को लेकर आरोप लगाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। उमेश भाटी ने आरोप लगाया कि हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर रहने वाले लोगों की ओर से क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षित स्तर पर ठोस प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि एक ओर क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर खेल सुविधाओं और मैदानों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
खेल मैदान की जमीन को लेकर उठे सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमेश भाटी ने उद्योगपति मनजीत सिंह का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि कुछ प्रभावशाली लोग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कथित मिलीभगत के जरिए खेल मैदान की जमीन को अपने हित में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित पक्षों का जवाब और भूमि के आधिकारिक अभिलेख पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।
उमेश भाटी ने मांग की कि खेल मैदान की जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि खेल के मैदान युवाओं की प्रतिभा विकसित करने के लिए होते हैं और किसी भी परिस्थिति में इनके उपयोग को लेकर पारदर्शिता से समझौता नहीं होना चाहिए।
जगत फार्म मार्केट की जमीन पर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्रेटर नोएडा की जगत फार्म मार्केट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। उमेश भाटी ने दावा किया कि मार्केट आबादी की जमीन पर विकसित हुई है और प्राधिकरण अधिकारियों की कथित मिलीभगत से वहां कमर्शियल भवनों के निर्माण एवं बिक्री की अनुमति दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े आर्थिक अनियमितताओं की आशंका है और इसकी उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित भूमि के स्वामित्व, भू-उपयोग, भवन निर्माण की अनुमति और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। यदि मामले में भूमि उपयोग या निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन का कोई आरोप है तो संबंधित प्राधिकरण के रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष ही उसकी वास्तविक स्थिति निर्धारित करेंगे।
गांव-गांव आंदोलन की चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट धीरेन्द्र भाटी ने कहा कि किसानों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी लंबे समय तक नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो गांव-गांव आंदोलन चलाया जाएगा।।उन्होंने कहा कि किसानों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रशासन और प्राधिकरण तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंपर्क किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने मीडिया से भी अपील की कि क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शी जांच कराने और भूमि एवं खेल सुविधाओं से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।
नोट: खबर में लगाए गए भूमि, मिलीभगत, आर्थिक अनियमितता और व्यक्तिगत भूमिका से जुड़े आरोप संबंधित वक्ताओं के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि खबर तैयार किए जाने तक उपलब्ध नहीं है।

