ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के मूलभूत अभियांत्रिकी एवं विज्ञान विभाग (पूर्व में एप्लाइड साइंसेज़ एंड ह्यूमैनिटीज़ विभाग) द्वारा “ग्रीन टेक्नोलॉजीज़ एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर” विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने सहभागिता कर सतत विकास और उभरती तकनीकों पर विचार साझा किए।
शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं का मिला साझा मंच
एफडीपी का संचालन डॉ. पी.सी. झा एवं डॉ. सचिन कुमार ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पाँच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा भविष्य की तकनीकों पर ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना है।
सतत विकास के लिए नवाचार आधारित तकनीकों पर जोर
उद्घाटन सत्र में कॉलेज के निदेशक प्रो. (डॉ.) मयंक गर्ग, डीन अकादमिक प्रो. (डॉ.) विष्णु शर्मा तथा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ओ.पी. चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल अंतर्विषयक अनुसंधान, नवाचार और सतत प्रौद्योगिकी के विकास से ही संभव है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस एफडीपी को शोध सहयोग और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रभावी मंच बनाने का आह्वान किया।
क्वांटम कंप्यूटिंग पर विशेषज्ञ व्याख्यान
तकनीकी सत्रों की शुरुआत आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट डीन डॉ. अमित अग्रवाल के व्याख्यान “क्वांटम कंप्यूटिंग: एन इमर्जिंग पैराडाइम इन टेक्नोलॉजी” से हुई। उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग की मूल अवधारणाओं के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ऑप्टिमाइजेशन और वैज्ञानिक अनुसंधान में इसके बढ़ते उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
मैग्नेटिक मेमोरी तकनीक पर हुई चर्चा
दूसरे तकनीकी सत्र में आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमानी खंडूरी ने “मैग्नेटिक मेमोरी में परपेन्डिकुलर मैग्नेटिक एनीसोट्रॉपी का महत्व” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि अगली पीढ़ी की मैग्नेटिक मेमोरी तकनीकों में यह तकनीक स्टोरेज क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा दक्षता सुधारने और उपकरणों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और औद्योगिक अनुप्रयोगों की जानकारी भी दी गई।
संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने पूछे सवाल
दोनों तकनीकी सत्रों में देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्याख्यानों के बाद आयोजित इंटरैक्टिव सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और भविष्य के शोध अवसरों को लेकर विस्तृत चर्चा की।
पाँच दिनों तक होंगे विशेषज्ञों के व्याख्यान
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पाँच दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय एफडीपी के दौरान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ नवीकरणीय ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत सामग्री, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और सतत प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकी विकास से अवगत कराना और वैश्विक स्तर पर शोध सहयोग को बढ़ावा देना है।

