नोएडा, द न्यूज क्लिक। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देश की भावी युवा पीढ़ी को स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। महिला उन्नति संस्था की राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार अध्यक्ष डॉ. वंदना सिंह के नेतृत्व में मायरा फाउंडेशन में अध्ययनरत बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन यथार्थ अस्पताल के सहयोग से किया गया, जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया। शिविर के दौरान बच्चों का चिकित्सकीय स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी दी और उन्हें खान-पान, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित दिनचर्या तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया। आयोजकों का कहना था कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी जरूरी : डॉ. वंदना सिंह
महिला उन्नति संस्था की राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार अध्यक्ष डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस केवल युवाओं की क्षमता और भविष्य की चर्चा करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज की भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों और युवाओं पर निर्भर करता है। यदि बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तो वे आगे चलकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि अनु आचार्य लंबे समय से विभिन्न सोसायटियों में कार्यरत घरेलू सहायिकाओं के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रही हैं। इन बच्चों में से कई पहले अपना समय इधर-उधर घूमकर बिताते थे, लेकिन अब उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल स्कूल और किताबों से जोड़ना पर्याप्त नहीं है। उनके स्वास्थ्य पर भी नियमित रूप से ध्यान देना आवश्यक है। इसी सोच के तहत बच्चों के लिए समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, शैक्षणिक सामग्री वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधाएं
डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि समाज में ऐसे अनेक बच्चे हैं जिन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता होती है। सामाजिक संस्थाओं, अस्पतालों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ऐसे बच्चों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्देश्य केवल बच्चों की तत्काल स्वास्थ्य जांच करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित दिनचर्या, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद महत्वपूर्ण हैं।
बच्चों और अभिभावकों ने जताया आभार
शिविर में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रम के लिए बच्चों एवं अभिभावकों ने आयोजकों और सहयोगी संस्था यथार्थ अस्पताल का आभार व्यक्त किया। अभिभावकों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर बेहद उपयोगी हैं। इससे बच्चों को समय पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श मिल पाता है।

सामूहिक प्रयास से बदलेगी बच्चों की तस्वीर
डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक संस्थाएं, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संगठन और समाज के जागरूक लोग मिलकर काम करें तो जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिला उन्नति संस्था भविष्य में भी बच्चों, महिलाओं और समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सहयोगियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में अनु आचार्य, रिथि कश्यप, परीक्षिता रावत, रेनू भाटी, करुणा, रिंकी सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ समन्वय करते हुए शिविर को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित यह पहल इस संदेश के साथ संपन्न हुई कि देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ रखना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जाने वाले ऐसे छोटे-छोटे प्रयास आने वाली पीढ़ी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

