नोएडा, द न्यूज क्लिक नोएडा शहर के विकास, औद्योगिक विस्तार, नागरिक सुविधाओं, कचरा प्रबंधन और वर्षों से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को गति देने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। 5 सितंबर 2026 को आयोजित इस बैठक में प्राधिकरण ने वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं, औद्योगिक इकाइयों, वेस्ट-टू-एनर्जी, सड़क निर्माण, नर्सरी के आधुनिकीकरण और आवासीय समितियों से जुड़े मामलों पर अहम निर्णय किए।
बैठक प्राधिकरण सभागार में मुख्य प्रशासनिक सदस्य संदीप-नई नॉलेज के अध्यक्ष के निर्देशन में संपन्न हुई। बैठक में श्री कृष्ण करुणेश, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा, एनटीजी सदस्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले नोएडा के भविष्य के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर कचरा प्रबंधन, पुराने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और आवासीय परियोजनाओं से जुड़े निर्णयों का सीधा असर शहर के नागरिकों और निवेशकों पर पड़ सकता है।
वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की हुई समीक्षा
बोर्ड बैठक की शुरुआत वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा से हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बोर्ड के समक्ष विभागवार प्राप्तियों, भुगतान और प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति से संबंधित विवरण रखा गया। अधिकारियों को विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राधिकरण के विभिन्न विकास कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ें और शहर में चल रही योजनाओं का लाभ नागरिकों को प्रभावी रूप से मिल सके।
दीर्घकालीन नागरिक सेवाओं के लिए बनेगा Corpus Fund
बोर्ड बैठक में दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए Corpus Fund की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत प्राधिकरण की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता और जलापूर्ति, सफाई तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं के लिए “One-Time Lease Rent – Corpus Fund (OTLR-CF)” की Standard Operating Procedures यानी एसओपी को स्वीकृति प्रदान की गई। इस व्यवस्था के तहत एकमुश्त भू-भाटक से प्राप्त गैर-आवर्ती आय के सुव्यवस्थित लेखांकन, निवेश, उपयोग और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य दीर्घकालीन नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय संसाधनों को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना है।
अटके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को लेकर बड़ा फैसला
नोएडा में लंबे समय से अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को गति देने के लिए भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। शासनादेश दिनांक 21 दिसंबर 2023 के अंतर्गत पुरानी रुकी हुई ई-संपदा परियोजनाओं के समाधान के लिए लागू नीति के तहत लंबित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 25 आवंटियों को 75 प्रतिशत जमा कराने के नोटिस जारी किए गए हैं तथा भुगतान के सापेक्ष रजिस्ट्री कराने की अनुमति दी गई है। इसके बाद 36 परियोजनाओं से ₹540.75 करोड़ और आंशिक आवासीय भूमि सहित कुल ₹561.35 करोड़ जमा हुए हैं।
अटकी परियोजनाओं में वसूली और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश भी दिए गए। इससे उन खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री और परियोजनाओं के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
औद्योगिक इकाइयों के लिए एकरूप नीति की दिशा में कदम
बैठक में औद्योगिक इकाइयों से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा करते हुए Unified Regulations, 2025 के तहत एकरूप नीति बनाने पर भी चर्चा हुई। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एकरूप नीति की दृष्टिगत नीति में अंतरण शुल्क युक्त इकाइयों को क्रियाशील करने को समयबद्ध तथा अन्य शुल्कों की तर्कसंगत और स्पष्ट व्यवस्था बनाने के संबंध में प्रस्ताव रखा गया।
इस संबंध में नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की समिति के गठन से संबंधित प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया। इसका उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में जमीन
बोर्ड बैठक में गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के उपयोग के लिए सेक्टर-153 में लगभग 13,347.18 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया। यह निर्णय प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूमि आवंटन के बाद संबंधित कार्यालय के विकास एवं उपयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
सेक्टर-145 में 100 TPD Waste-to-Energy Facility को मंजूरी
नोएडा में कचरा निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय परियोजना को मंजूरी दी है। सेक्टर-145 में 100 TPD क्षमता की Integrated Waste-to-Energy एवं Resource Recovery Facility स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना के जरिए सूखे और आरडीएफ कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में काम किया जाएगा। संस्था के चयन के लिए EOI/RFP के माध्यम से प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यह परियोजना शहर में बढ़ते ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडल के जरिए कचरे के बेहतर उपयोग और संसाधन पुनर्प्राप्ति की दिशा में प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया है।

विद्यमान स्ट्रीट लाइटों के पुनर्निर्माण और मूल्य समायोजन पर निर्णय
बोर्ड ने शहर में सड़क प्रकाश व्यवस्था से जुड़े विषय पर भी निर्णय लिया। समय-समय पर कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न आधारित मदों की दरों का सक्षम स्तर पर पुनर्निर्धारण और शासनादेश के अनुसार मूल्य समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत समयबद्ध तरीके से पुनर्निर्धारण, मानसून के बाद सड़क कार्य तथा सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-8 की नर्सरी का होगा आधुनिक विकास
नोएडा के सेक्टर-8 स्थित लगभग एक एकड़ नर्सरी के आधुनिक विकास को भी बोर्ड की मंजूरी मिली है। इसके लिए Build-up, Operation and Maintenance (BOM) आधार पर करार करने का निर्णय लिया गया। EOI/RFP के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार नर्सरी को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिकों के लिए विविध पौधों की एकीकृत सुविधा के रूप में विकसित करने की योजना है।
इससे शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को बेहतर पौध एवं हरियाली संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
सहकारी आवासीय समितियों के Subsequent Members को उप-पट्टा
बोर्ड बैठक में सहकारी आवासीय समितियों से जुड़े फ्लैट खरीदारों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। आवासीय समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैटों के Subsequent Members को समिति के वर्तमान कार्यकारिणी सदस्यों की NOC, आधार, ब्लॉक और निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर वित्तीय उप-पट्टा करने की नीति को स्वीकृति दी गई। इससे उन सदस्यों को राहत मिल सकती है जो लंबे समय से अपनी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजी और स्वामित्व संबंधी मामलों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति के दस्तावेज प्राप्त होने के बाद रजिस्ट्री तथा लंबित मामलों के समाधान का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है।
कंपनियों के योगदान से विकास कार्यों को मिलेगा नया आधार
बोर्ड बैठक में नोएडा के समग्र विकास में कंपनियों की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार विकास कार्यों में सहयोग और योगदान को प्रोत्साहित करते हुए नए बोर्ड द्वारा पूर्व में स्वीकृत दरों के आधार पर प्रति वर्गमीटर 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड का लाभ दिए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।
पूर्व में 5324/- प्रति वर्गमीटर और 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के मुकाबले 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड का लाभ प्रदान किए जाने की बात रखी गई। नोएडा प्राधिकरण बोर्ड द्वारा प्रचलित दर में एकमुश्त लाभ की दर को 50-6459/- प्रति वर्गमीटर किए जाने का भी उल्लेख बैठक के निर्णयों में किया गया।
इसी प्रकार डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) के फेज-1 और फेज-2 में कंपनियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय करने के बाद प्राधिकरण क्षेत्र में 5 प्रतिशत आबादी भूखंड और न्यू नोएडा विकास प्राधिकरण के गठन तथा फेज-3 एवं 4 में कंपनियों से आपसी समझौते के आधार पर 7 प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कंपनियों को सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें नोएडा और डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) के विकास तथा भविष्य की आर्थिक समृद्धि में सहभागी बनाना है।
नोएडा के भविष्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कुल मिलाकर नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों में शहर के बुनियादी ढांचे, वित्तीय व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रमुखता दी गई।
एक ओर जहां अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं और फ्लैट खरीदारों से जुड़े मामलों को गति देने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर 100 TPD Waste-to-Energy Facility, सेक्टर-8 नर्सरी का आधुनिकीकरण और नागरिक सुविधाओं के लिए Corpus Fund जैसी योजनाएं नोएडा को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बोर्ड के निर्णयों से यह संकेत मिलता है कि प्राधिकरण आने वाले समय में विकास कार्यों की गति बढ़ाने, नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने, पर्यावरणीय प्रबंधन को बेहतर बनाने और औद्योगिक निवेश के लिए अधिक व्यवस्थित माहौल तैयार करने पर जोर दे रहा है। इन फैसलों का प्रभाव आने वाले समय में नोएडा के विकास और नागरिक सुविधाओं पर दिखाई देने की उम्मीद है।
बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बोर्ड के समक्ष कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी व अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार सिंह,यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया, नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर सिंह,एन के सिंह,जीएम एसपी सिंह व ए के अरोरा व सहायक महाप्रबंधक शोभा कुशवाहा तथा संजीव बेदी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

