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Wednesday, August 19, 2026
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    ITS College News : कम्युनिकेशन से लेकर ChatGPT तक… ITS इंजीनियरिंग कॉलेज का अनोखा प्रशिक्षण, एक सप्ताह में फैकल्टी बनी ‘फ्यूचर रेडी’, दूसरे दिन सीखे अंतरव्यक्तिक और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन के गुर, जनरेटिव AI बना कार्यक्रम का सबसे आकर्षक विषय, नेतृत्व और पब्लिक स्पीकिंग पर विशेष प्रशिक्षण

    यह स्टाफ डेवलपमेंट प्रोग्राम आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता शुक्ला के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. दीपक शर्मा एवं सुश्री शालू त्यागी ने किया।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। बदलते शैक्षणिक और व्यावसायिक परिवेश में प्रभावी संचार कौशल (Effective Communication Skills) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (SOMS) द्वारा संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह का स्टाफ डेवलपमेंट प्रोग्राम (SDP) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक दक्षता तथा जनरेटिव एआई (Generative AI) के व्यावहारिक उपयोग को विकसित करना था, ताकि वे आधुनिक शिक्षा और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संचार कौशल से लेकर एआई आधारित कंटेंट निर्माण, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, आधिकारिक पत्राचार, नेतृत्व विकास और डिजिटल दक्षताओं जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रशिक्षण दिया। पूरे सप्ताह प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न सत्रों, कार्यशालाओं, समूह गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों में भाग लेकर अपने ज्ञान और कौशल को नई दिशा दी।

    पहले दिन प्रभावी संचार के मूलभूत सिद्धांतों पर हुआ मंथन

    कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर श्री अभिषेक राय ने “प्रभावी संचार के मूलभूत सिद्धांत” विषय पर विस्तृत सत्र लिया। उन्होंने संचार प्रक्रिया एवं उसके विभिन्न मॉडल, मौखिक एवं अमौखिक संचार, संचार में आने वाली सामान्य बाधाओं और उनके समाधान, सक्रिय श्रवण (Active Listening) तथा स्पोकन इंग्लिश के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभावी संचार केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सामने वाले तक संदेश को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से पहुँचाना भी है।

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    दूसरे दिन सीखे अंतरव्यक्तिक और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन के गुर

    द्वितीय दिवस पर श्री आलोक कुमार ने “अंतरव्यक्तिक एवं व्यावसायिक संचार” विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान प्रतिभागियों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence), कार्यस्थल पर प्रभावी संवाद, टीम कम्युनिकेशन, सहयोग की भावना, संघर्ष समाधान (Conflict Resolution) तथा प्रभावी फीडबैक सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। इन सत्रों ने प्रतिभागियों को बेहतर टीमवर्क और सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

    नेतृत्व और पब्लिक स्पीकिंग पर विशेष प्रशिक्षण

    कार्यक्रम के तीसरे दिन श्री शार्देन्दु भूषण सिन्हा ने “प्रस्तुतीकरण एवं नेतृत्व संचार” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रभावी प्रस्तुतीकरण (Presentation Skills), सार्वजनिक वक्तृत्व कला (Public Speaking), श्रोताओं की सहभागिता, नेतृत्व संचार, वार्ता कौशल (Negotiation Skills), प्रभावी संवाद तथा बैठक प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। व्यावहारिक गतिविधियों और अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

    कार्यालयी संचार और प्रोफेशनल एटीकेट पर चौथे दिन फोकस

    चौथे दिन पुनः श्री अभिषेक राय ने “कार्यालयी संचार एवं व्यावसायिक शिष्टाचार” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने आधिकारिक पत्राचार, नोटिस, परिपत्र, ज्ञापन लेखन, व्यावसायिक ई-मेल लेखन, नेटिक्वेट (Netiquette), रिपोर्ट लेखन, दस्तावेज़ीकरण, टेलीफोन शिष्टाचार, वर्चुअल मीटिंग्स और कार्यालयी व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।

    जनरेटिव एआई बना कार्यक्रम का सबसे आकर्षक विषय

    कार्यक्रम के अंतिम दिन श्री सरबजीत सिंह ने “व्यावसायिक उत्कृष्टता हेतु जनरेटिव एआई” विषय पर अत्यंत उपयोगी एवं आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को Generative AI, उभरते एआई ट्रेंड्स, प्रभावी Prompt Engineering, एआई की सहायता से ई-मेल, रिपोर्ट, आधिकारिक दस्तावेज़, प्रेजेंटेशन और शोध सामग्री तैयार करने की तकनीकों से अवगत कराया। साथ ही कार्यस्थल पर एआई के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग पर भी विशेष चर्चा की गई। हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस, केस स्टडी और समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक एआई टूल्स का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया, जिससे वे इन्हें अपने दैनिक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी रूप से उपयोग कर सकें।

    डिजिटल युग के अनुरूप शिक्षकों को किया गया तैयार

    पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न गतिविधियों, संवाद सत्रों एवं व्यावहारिक अभ्यासों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम ने उनके संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल दक्षता तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की समझ को और अधिक मजबूत बनाया। यह स्टाफ डेवलपमेंट प्रोग्राम आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता शुक्ला के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. दीपक शर्मा एवं सुश्री शालू त्यागी ने किया।

    कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की उपयोगिता, विशेषज्ञ वक्ताओं के अनुभव, विषय-वस्तु की प्रासंगिकता तथा व्यावहारिक सीख की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल संचार कौशल को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें डिजिटल युग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की शैक्षणिक चुनौतियों के लिए भी तैयार करने वाला अत्यंत उपयोगी अनुभव साबित हुआ।

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