नोएडा/मथुरा, द न्यूज क्लिक। बदलते दौर में केवल डिग्री हासिल करना अब सफलता की गारंटी नहीं रह गया है। उद्योग जगत की बढ़ती अपेक्षाओं और रोजगार के बदलते स्वरूप के बीच आज सबसे अधिक महत्व कौशल (स्किल), व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग से जुड़े अनुभव का है। इसी महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित एक न्यूज़ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन “आइडियाज़ ऑन एजुकेशन” में जी एल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कार्तिकेय अग्रवाल ने अपने विचार साझा किए और शिक्षा तथा उद्योग के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लिए संस्थान की रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन में आयोजित विशेष पैनल चर्चा का विषय था “डिग्री पूरी, स्किल अधूरी”, जिसमें देश के शिक्षा जगत, उद्योग और नीति निर्माण से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह रहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने के लिए उन्हें व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और वास्तविक कार्य अनुभव से भी लैस करना आवश्यक है।
रैंकिंग नहीं, मजबूत शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए लक्ष्य
पैनल चर्चा के दौरान कार्तिकेय अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग स्वयं में लक्ष्य नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि जब किसी संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत अकादमिक वातावरण, अनुसंधान संस्कृति और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित किए जाते हैं, तब पहचान और सम्मान स्वतः प्राप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता वही संस्थान प्राप्त करते हैं, जो विद्यार्थियों को केवल परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें जीवन और करियर की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

केवल किताबें नहीं, प्रयोगशालाएं और वास्तविक अनुभव भी जरूरी
कार्तिकेय अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में हैंड्स-ऑन लर्निंग (Hands-on Learning) यानी व्यावहारिक एवं अनुभव आधारित शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योगों, लाइव प्रोजेक्ट्स और वास्तविक तकनीकी प्रणालियों के साथ जोड़ना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक औद्योगिक वातावरण में काम करना सीख जाएं, तो वे नौकरी के पहले दिन से ही बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं।
वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी बना रही छात्रों को इंडस्ट्री रेडी
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जी एल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस ने विश्व की अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी स्थापित की है। इनमें प्रमुख रूप से—
- Cisco
- Palo Alto Networks
- Capgemini
- Amazon Web Services (AWS) जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं।
- इन साझेदारियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र (Certifications), आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान तथा रोजगार की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए गए पाठ्यक्रमों का लाभ मिलता है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष और गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कार्तिकेय अग्रवाल को सम्मानित किया। यह सम्मान जी एल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, उद्योग सहयोग और विद्यार्थियों के समग्र विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनने की दिशा में अग्रसर
सम्मेलन में जी एल बजाज की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि संस्थान केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्थान का उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जहां विद्यार्थी केवल डिग्री लेकर कॉलेज से बाहर न निकलें, बल्कि उनके पास उद्योग की मांग के अनुरूप तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक अनुभव, नवाचार की सोच और नेतृत्व क्षमता भी हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में वही संस्थान और वही विद्यार्थी सफल होंगे, जो ज्ञान, कौशल और तकनीक—तीनों का संतुलित विकास करेंगे। जी एल बजाज की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करते हुए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बनाने का कार्य कर रही है।

