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Wednesday, August 19, 2026
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    Sharda University News : शारदा विश्वविद्यालय में IEEE ICCISD 2026 का भव्य समापन, 10 देशों के शोधकर्ताओं ने साझा किए नवाचार; 1,828 शोध-पत्रों में से केवल 150 का हुआ चयन, प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता बोले— वैश्विक शोध का केंद्र बन रहा शारदा विश्वविद्यालय, इनके नेतृत्व में हुआ सफल आयोजन

    शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता ने कहा कि ICCISD 2026 ने एक बार फिर साबित किया है कि शारदा विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध का उभरता हुआ केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा, "दस देशों के शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाना और सतत कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स के लिए विशेष ट्रैक आयोजित करना हमारी उस सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी साधन है।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। शारदा विश्वविद्यालय ने वैश्विक शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के तकनीकी सहयोग से आयोजित IEEE इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस सिस्टम्स एंड डिवाइसेज़ (ICCISD 2026) का सफलतापूर्वक समापन किया। शारदा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस एंड इंजीनियरिंग (SSCSE) के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 23 और 24 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

    10 देशों से मिले 1,828 शोध-पत्र, मात्र 8.2% का चयन

    ICCISD 2026 को वैश्विक स्तर पर शानदार प्रतिसाद मिला। सम्मेलन के सात तकनीकी ट्रैकों के लिए 10 देशों के शोधकर्ताओं से कुल 1,828 शोध-पत्र प्राप्त हुए। विशेषज्ञों की कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 150 उत्कृष्ट शोध-पत्रों का चयन प्रस्तुतीकरण एवं IEEE Xplore में प्रकाशन के लिए किया गया। लगभग 8.2 प्रतिशत की चयन दर इस सम्मेलन की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से साइबर सुरक्षा तक हुई गहन चर्चा

    सम्मेलन में न्यूरल नेटवर्क्स, डीप लर्निंग, रीइन्फोर्समेंट लर्निंग, फ़ज़ी सिस्टम्स, इवोल्यूशनरी कम्प्यूटेशन, इंटेलिजेंट डिवाइसेज़, एम्बेडेड सिस्टम्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, ह्यूमन-मशीन इंटरैक्शन, सिग्नल एवं इमेज प्रोसेसिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और ट्रस्टवर्दी सिस्टम्स जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। सम्मेलन की विशेष उपलब्धि “सस्टेनेबल सिस्टम्स एंड डिवाइसेज़ के लिए कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस” विषय पर समर्पित विशेष ट्रैक रहा, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा-कुशल और सतत तकनीकों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

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    प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने की आयोजन की सराहना

    एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने कहा कि ICCISD 2026 भारत के शोध समुदाय में उभर रही प्रतिभा और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा,
    “1,800 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त होना और इतने कठोर समीक्षा मानकों के साथ चयन प्रक्रिया पूरी करना यह दर्शाता है कि आयोजकों ने शैक्षणिक गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ऐसे सम्मेलन भविष्य के शोधकर्ताओं को दिशा देने और कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस को जिम्मेदार एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

    प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता बोले— वैश्विक शोध का केंद्र बन रहा शारदा विश्वविद्यालय

    शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता ने कहा कि ICCISD 2026 ने एक बार फिर साबित किया है कि शारदा विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध का उभरता हुआ केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा, “दस देशों के शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाना और सतत कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स के लिए विशेष ट्रैक आयोजित करना हमारी उस सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी साधन है। मैं इस सफलता के लिए पूरी आयोजन टीम को बधाई देता हूं।”

    सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गीता गणेशन ने जताया आभार

    सम्मेलन अध्यक्ष एवं एसएससीएसई की डीन प्रो. (डॉ.) गीता गणेशन ने कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और स्थानीय जिम्मेदारी के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा, “हम चाहते थे कि शोधकर्ता ऐसी बुद्धिमान तकनीकों पर कार्य करें जो ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विकसित हों। 10 देशों से मिली भागीदारी और 1,828 शोध-पत्रों ने हमारी अपेक्षाओं से कहीं अधिक सफलता दिलाई। मैं सभी लेखकों, समीक्षकों और स्वयंसेवकों की आभारी हूं, जिन्होंने इस सम्मेलन को सफल बनाया।”

    इनके नेतृत्व में हुआ सफल आयोजन

    इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन डॉ. रजनीश कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष (कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन) के नेतृत्व में किया गया। प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार शर्मा सम्मेलन संयोजक रहे। समापन समारोह में शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिबाराम खारा, शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के कुलपति प्रो. परमानंद, डॉ. अजय श्रीराम कुशवाहा, डॉ. श्रीजीत एस., डॉ. रवि प्रकाश चतुर्वेदी, डॉ. दीप्थी पी.एस., एसोसिएट डीन प्रो. (डॉ.) सुदीप वर्मा, प्रो. (डॉ.) कृष्णन बत्री, विभागाध्यक्ष डॉ. जयंत शेखर, डॉ. खुशवंत, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    ICCISD 2026 ने न केवल वैश्विक शोध समुदाय को एक साझा मंच प्रदान किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि शारदा विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान और सतत तकनीकी विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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