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Wednesday, August 19, 2026
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    IILM University News : IILM विश्वविद्यालय और DFCCIL के सहयोग से आयोजित हुआ लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026, भारत के लॉजिस्टिक्स भविष्य पर मंथन; AI, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री 5.0 रहे केंद्र में, उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी कम करने पर जोर

    डॉ. राधा मोहन गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उद्योग-एकीकृत शैक्षणिक पहल, कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रमों और कॉर्पोरेट सहयोग मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण कर्नल मयंक उपाध्याय, समूह महाप्रबंधक (प्रशिक्षण एवं अनुसंधान), DFCCIL का मुख्य वक्तव्य रहा। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की प्रगति और उसके भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. नील राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों, उद्योग प्रतिनिधियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। भारत के तेजी से विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ने एचएचआई/डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के सहयोग से लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया। यह सम्मेलन उद्योग और शिक्षाविदों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसमें देशभर के नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन प्रोफेशनल्स तथा छात्रों ने भाग लिया।

    “कनेक्ट • सहयोग • ट्रांसफॉर्म” थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के भविष्य, डिजिटल परिवर्तन, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, सतत विकास और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेजी से बदल रहा है : कुलपति प्रो. (डॉ.) जयशंकर वारियर

    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागियों के पंजीकरण और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. मनीषा जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उद्घाटन संबोधन में आईआईएलएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जयशंकर वारियर ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण के कारण भारत का लॉजिस्टिक्स क्षेत्र अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।

    उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे पेशेवर तैयार करना भी है जो तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और नवाचार आधारित सोच के साथ उद्योग की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने हेतु उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

    IILM विश्वविद्यालय और DFCCIL के सहयोग से आयोजित हुआ लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026

    उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी कम करने पर जोर

    डॉ. राधा मोहन गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उद्योग-एकीकृत शैक्षणिक पहल, कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रमों और कॉर्पोरेट सहयोग मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आईआईएलएम विश्वविद्यालय नवाचार आधारित शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है।

    DFCCIL ने बताया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विजन

    कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण कर्नल मयंक उपाध्याय, समूह महाप्रबंधक (प्रशिक्षण एवं अनुसंधान), DFCCIL का मुख्य वक्तव्य रहा। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की प्रगति और उसके भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना माल परिवहन की गति बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मजबूत करने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    IILM विश्वविद्यालय और DFCCIL के सहयोग से आयोजित हुआ लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026

    इन प्रमुख विषयों पर हुआ मंथन

    सम्मेलन में आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज चर्चा में विशेषज्ञों ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के भविष्य पर विचार साझा किए। चर्चा के प्रमुख विषय रहे—

    • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन
    • स्मार्ट वेयरहाउसिंग एवं डिजिटल सप्लाई चेन
    • मल्टीमॉडल परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
    • हरित एवं सतत लॉजिस्टिक्स
    • भविष्य के कौशल और कार्यबल विकास
    • इंडस्ट्री 5.0 और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली
    • विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से कहा कि AI, ऑटोमेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित सहयोग भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

    देशभर के उद्योग विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

    कॉन्क्लेव में कई प्रमुख संस्थानों और कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें सुश्री ज्योति यादव (DFCCIL), श्री एस.के. सिंह (पूर्व IAS एवं कार्यकारी निदेशक, श्रीगी DLM लिमिटेड), श्री लोकेश कुमार (SS Gas Lab Asia Pvt. Ltd.), श्री प्रदीप कुमार शर्मा (शीला फोम लिमिटेड), श्री सौरभ सिंह (मून बेवरेजेस – कोका-कोला इंडिया FBO), श्री चिराग सहगल (ओम लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन), श्री राजीव केन्यू (एवरस्टोन कैपिटल), श्री अरुण पंडित (Hyphen SCS), श्री अमित कुमार उपाध्याय (औद्योगिक व्यापार संघ), श्री सुनील दत्त शर्मा तथा श्री विवेक गुप्ता (Indus AI) प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नवाचार, कौशल विकास और उद्योग-शिक्षा सहयोग को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

    IILM विश्वविद्यालय और DFCCIL के सहयोग से आयोजित हुआ लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026

    स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मान

    कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। डॉ. नील राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों, उद्योग प्रतिनिधियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। इसके बाद आयोजित नेटवर्किंग सत्र में उद्योग जगत, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों के बीच विचार-विमर्श हुआ, जिससे भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, इंटर्नशिप और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

    आयोजन समिति की रही अहम भूमिका

    इस सफल आयोजन के समन्वय में डॉ. नील राय, श्री राज कुमार सिंह (वरिष्ठ प्रबंधक – प्रवेश एवं कार्यकारी शिक्षा), श्री नितिन महावर, श्री लोकेश भारद्वाज, श्री अमित शर्मा, डॉ. नीता माथुर, प्रो. अरुण माथुर और डॉ. चंद्र पाल सहित पूरी आयोजन समिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने कहा कि लॉजिस्टिक्स लीडर्स कॉन्क्लेव 2026 आईआईएलएम विश्वविद्यालय की उद्योग-शैक्षणिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और भविष्य के लिए सक्षम पेशेवर तैयार करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। DFCCIL जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी भारत को तकनीक-संचालित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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